नोएडा

अमित शाह यूपी से अपने इस करीबी काे भेजेंगे राज्‍यसभा, इनका नाम भी है चर्चा में

राज्यसभा चुनाव के जरिए भाजपा जाट, ठाकुर, ब्राह्मण और गुर्जरों को साधने में जुटी

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Mar 06, 2018

नोएडा। उत्तर प्रदेश में 10 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव 23 मार्च को हैं। जानकारों के अनुसार, भाजपा के हिस्से में आठ और सपा के हिस्से में एक सीट तय है। वहीं, माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2017 में योगी-मोदी की आंधी में भी हारने वाले यूपी भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वायपेयी को राज्यसभा भेजने की तैयारी चल रही है। इसे देखते हुए पार्टी में हलचल तेज हो गई है। इस बीच यह चर्चा श्‍ाुरू हो गई है कि सियासी वनवास काट रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी को पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी उनके लिए नई भूमिका तय करने का बना चुके हैं। उनको अमित शाह का करीबी भी माना जाता है।

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वाजपेयी ने हार को नहीं बनने दी अपनी कमजाेरी

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी 2017 में हुए विधानसभा चुनाव हार गए थे। इसके बाद उनके विरोधियों ने उनकी घेरेबंदी भी की, लेकिन वह जनता के बीच सक्रिय रहे, जिसकी वजह से उनका सियासी कद भी बना रहा। खास बात यह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उन्हें मंच पर तवज्जो देते रहे। बताया जा रहा है कि डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी को उतारने की भूमिका तैयार की जा चुकी है। इससे पहले पार्टी में उन्हें प्रदेश में एमएलसी कोटे से कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने की चर्चा भी काफी गरम रही थी। वाजपेयी मंत्री और चार बार विधायक भी रह चुके हैं।

संघ में है अच्‍छी पकड़

बताया जा रहा है कि भाजपा की मंशा उच्च सदन में ऐसे लोगों को भेजने की है, जो बहस के दौरान सरकार का पक्ष मजबूती से रख सकें। इसमें लक्ष्मीकांत बाजपेयी को माहिर माना जाता है। राजनीतिक समझ के हिसाब से भी लक्ष्मीकांत को पार्टी प्रदेश के बड़े चेहरों में शुमार करती है। आपको बता दें कि अभी यूपी से भाजपा का केवल एक राज्यसभा सांसद है।

इन पर भी चल रही चर्चा

ठाकुर चेहरे के रूप में राष्ट्रीय किसान प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष विजयपाल तोमर के नाम पर भी पार्टी में चर्चा चल रही है। खास बात ये है कि उनके परिवार की संघ में अच्छी पकड़ है। इसका लाभ भी उन्हें मिल सकता है। वहीं, जाट वोटों को साधने के लिए बुलंदशहर की अनिला सिंह और गुर्जर चेहरों में अशोक कटारिया के अलावा नवाब सिंह नागर का नाम भी चर्चा में बना हुआ है। वहीं, केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली के नाम पर विचार किए जाने की संभावना है। इनके अलावा फिरोजाबाद के अनिल जैन, मिर्जापुर के अरुण सिंह और जौनपुर के विजय सोनकर के नाम चर्चाओं में हैं। गुजरात राज्य के प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव व पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा को जीत दिलाने वाले राष्ट्रीय मंत्री राम माधव का नाम भी शामिल हैं।

क्‍या है गणित

यूपी में राज्यसभा की जिन 10 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। उन पर अब तक सपा, बसपा और कांग्रेस का कब्जा था। मौजूदा विधायकों की संख्या को देखते हुए बीजेपी बिना किसी परेशानी के 8 सीटें आराम से जीतेगी। वहीं एक सीट सपा के कब्जे में जाएगी। जबकि बची हुई एक राज्यसभा सीट के लिए भाजपा पूरा जोर लगाएगी। राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 मार्च है, जबकि उम्मीदवारों के नाम नापस लेने की आखिरी तारीख 15 मार्च है।

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Published on:
06 Mar 2018 03:15 pm
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