कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए रेलवे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 14 अप्रैल तक लॉकडाउन के अंतर्गत देशभर में सभी यात्री ट्रेन को निरस्त किया है। इसके चलते अब रिफंड की बात हो रही है। आईआरसीटीसी ने यात्रियों को इस मामले में सचेत किया है। आईआरसीटीसी के आला अधिकारियों के अनुसार अगर यात्री टिकट निरस्त करेगा तो नियम अनुसार राशि काटी जाएगी। जबकि ट्रेन निरस्त होने पर रेलवे पूरा राशि का रिफंड करेगा।
रतलाम। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए रेलवे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 14 अप्रैल तक लॉकडाउन के अंतर्गत देशभर में सभी यात्री ट्रेन को निरस्त किया है। इसके चलते अब रिफंड की बात हो रही है। आईआरसीटीसी ने यात्रियों को इस मामले में सचेत किया है। आईआरसीटीसी के आला अधिकारियों के अनुसार अगर यात्री टिकट निरस्त करेगा तो नियम अनुसार राशि काटी जाएगी। जबकि ट्रेन निरस्त होने पर रेलवे पूरा राशि का रिफंड करेगा।
रेलवे ने पहले 31 मार्च तक रतलाम में 150 यात्री ट्रेन को निरस्त किया था। इसकी वजह रेलवे द्वारा देशभर में ट्रेन को निरस्त करना था। इसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लॉकडाउन को 15 दिन के लिए बढ़ाया तो रेलवे ने भी रतलाम सहित देशभर में यात्री ट्रेन को 14 अप्रैल की रात 12 बजे तक चलाने पर रोक लगा दी।
अपना टिकट स्वयं निरस्त नहीं
इसके बाद जब बात रिफंड की आई तो रेलवे ने सूचना जारी करते हुए कहा यात्रा दिनांक से 90 दिन के अंदर यात्री अपना रिफंड ले सकते है। इसके बाद बड़ी संख्या में जब यात्रियों ने टिकट निरस्त किए तो उनकी राशि कटने की शुरुआत हो गई। इसके बाद जब यात्रियों ने इस पर आपत्ती उठाई तो रेलवे ने यह साफ किया कि आईआरसीटीसी उन यात्रियों को पूरा रिफंड करेगा जो अपना टिकट स्वयं निरस्त नहीं करेंगे।