
Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए फैसले और बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए ट्रस्ट से निष्कासित पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की वीआईपी और सुगम दर्शन पास जारी करने की आईडी रद्द कर दी है।
अब ये तीनों किसी भी श्रद्धालु के लिए VIP पास जारी नहीं कर सकेंगे। वहीं, दान चोरी मामले में SIT की जांच और पुलिस कार्रवाई लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था राम मंदिर के भूमि पूजन के समय से लागू थी। इन तीनों के पास विशेष अधिकार थे, जिनके जरिए वीआईपी और सुगम दर्शन के पास जारी किए जाते थे। ट्रस्ट के नए फैसले के बाद यह अधिकार पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT), पुलिस और राज्य सरकार की निगरानी में चल रही है। जांच टीम रोज कई घंटों तक दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में लगातार नए तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई का दायरा भी बढ़ता जा रहा है।
मई के आखिरी सप्ताह में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बैंक में जमा हो रही दान राशि और दान पेटियों से निकलने वाली रकम का मिलान किया। जांच के दौरान पता चला कि जिन दान पेटियों में एक बार में 6 से 7 लाख रुपये तक निकलते थे, उनमें कुछ समय से 500 रुपये के नोटों की गड्डियों में कमी दिखाई दे रही थी।
शक गहराने पर नोट गिनने वाले कमरे में हिडन कैमरे लगाए गए। करीब एक सप्ताह की फुटेज देखने के बाद सामने आया कि नोट गिनने के दौरान कुछ कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़े हो जाते थे, जबकि उनका दूसरा साथी नोटों की गड्डियों से पैसे निकालकर कपड़ों में छिपा लेता था। हिडन कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद मामला खुल गया।
दान चोरी मामले में पुलिस अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। जांच एजेंसियां सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से भी कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।