
जिला मुख्यालय में नालियों से निकलने वाला शहर का गंदा पानी अब सीधे नदी नालों में प्रवाहित नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके लिए नगरी प्रशासन विभाग ने योजना तैयार की है। नगर के नालियों से निकलने वाले गंदे पानी को एकत्रित करते हुए उसे फिल्टर कर स्वच्छ होने के बाद ही उसे प्रवाहित किया जा सकेगा। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। बताया गया कि आगामी कुछ महीनों के भीतर इस पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिला मुख्यालय में निकलने वाली नदी तीपान, सोन, चंदास जिनमें शहर के विभिन्न वार्डों से निकलने वाला नालियों का गंदा पानी कई स्थानों पर बहते हुए प्रवाहित होकर इन्हें दूषित करता है। जिस पर लंबे समय से नगर में यह मांग की जा रही थी कि इन नदियों में गंदे पानी का प्रवाह रोकने के लिए योजना बनाई जानी चाहिए जिससे कि यह नदिया स्वच्छ हो। इसी को लेकर अनूपपुर नगर पालिका में यूज्ड वॉटर मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। 4 करोड़ 82 लाख 53 हजार रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। बताया गया कि 10 जुलाई को इसका टेंडर जारी किया गया है।
नगर में दो स्थानों पर सीधे तौर पर नालियों का पानी नदी में मिलता है। साथ ही तीन स्थान ऐसे हैं जहां नाली का पानी बहते हुए नदियों की तरफ पहुंचता है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए पांच स्थान पर पॉइंट निर्धारित किया जाएगा और यहां पर वार्ड से निकलने वाले गंदे पानी को स्टोरेज करते हुए इसे फिल्टर करने के बाद नदियों में छोड़ा जाएगा। बताया गया कि कार्य का टेंडर तो जारी कर दिया गया है और निर्माण एजेंसी भी निर्धारित की गई है लेकिन अभी तक बजट प्राप्त नहीं हो पाया है जिसके लिए नगर पालिका एसएलटीई कार्यालय भोपाल को पत्र जारी करेगा जहां से बजट की राशि जारी होने के बाद इस पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इससे शहर के निकलने वाले पानी का आसानी से ट्रीटमेंट हो सकेगा।
योजना पर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो गई है जल्द ही इस पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अनूपपुर
Updated on:
23 Jul 2025 12:11 pm
Published on:
23 Jul 2025 12:11 pm
