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जानिए क्यों… हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश ने अनूपपुर न्यायालय परिसर का किया निरीक्षण

जानिए क्यों... हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश ने अनूपपुर न्यायालय परिसर का किया निरीक्षण
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अनूपपुर

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Shiv Mangal Singh

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Updated: 16 Apr 2018, 7:36 PM IST

Know why ... the High Court has inspected the Anuppur court premises

जबलपुर उच्च न्यायालय न्यायधीश ने किया अनूपपुर न्यायालय परिसर का निरीक्षण, देखी चौहद्दी

अनूपपुर। वर्षो से अनूपपुर जिला मुख्यालय में जिला एवं सत्र न्यायालय भवन की प्रस्तावित मांग को लेकर बार बार शासन और न्यायालय द्वारा बनाए जा रहे प्रस्तावों और नवीन भवन की बन रही आस में रविवार १५ अप्रैल को उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश जबलपुर सुबोध अभ्यंकर सहित अन्य तकनीकि विशेषज्ञ दो दिवसीय प्रवास में अनूपपुर पहुंचें। जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनूपपुर के साथ जिला प्रशासन और स्थानीय विशेषज्ञों के साथ जिला सत्र न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। जिसमें न्यायालय परिसर के आसपास के शासकीय जमीनों का मौके पर निरीक्षण कर सम्बंधित जमीनों के रकबे की जानकारी ली। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार नायक ने परिसर की चौहद्दी का भ्रमण करवाते हुए शासकीय और अशासकीय जमीनों के बीच बनने वाली परिस्थितियों पर भी उनका ध्यानाकर्षण कराया। जमीनों के आंकलन के बाद न्यायाधीश ने प्रशासनिक अधिकारियों सहित न्यायधीशों के साथ बैठकर चर्चा की। वहीं दोपहर अनूपपुर-कोतमा मार्ग पर प्रस्तावित अन्य शासकीय स्थल का भी निरीक्षण किया। जिसमें अब दोनों ही स्थानों के सम्बंध में प्रस्ताव बनाकर भेजी जाएगी तथा इनमें किसी एक स्थान पर उच्च न्यायालय द्वारा मुहर लगाया जाएगा। बताया जाता है कि अनूपपुर जिला एवं सत्र न्यायालय अनूपपुर-जैतहरी मुख्य मार्ग पर वर्ष २००८ से संचालित है, जहां नवीन भवन निर्माण की जरूरतों पर बार बार प्रस्ताव बनाकर भेजे गए थे। लेकिन अबतक नवीन भवन का निर्माण कार्य नहीं आरम्भ हो सके। न्यायालय सूत्रों के अनुसार वर्तमान न्यायालय परिसर लगभग ३ एकड़ जमीन पर बसी है। अगर यहां के प्रस्ताव पर मुहर लगती है तो पुरानी परिसर में ही चार मंजिल न्यायालयीन भवन का निर्माण कराया जाएगा है। इसमें न्यायालय परिसर के साथ आसपास के शासकीय भवन में आवासीय परिसर की सुविधा शामिल होगी है। हालांकि पूर्व में जिला प्रशासन ने जिला पंचायत भवन के सामने मॉडल स्कूल बाईपास मार्ग पर न्यायालय भवन निर्माण के लिए जमीन आवंटन कराया था। वहीं वर्तमान अनूपपुर न्यायालय परिसर में एक जिला न्यायाधीश, दो अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, दो व्यवहार न्यायाधीश वर्ग ०१ के न्यायाधीश एवं जिला उपभोक्ता फोरम का न्यायालय का संचालन कराया जा रहा है, जिसमें न्यायिक विचारण के कारण प्रतिदिन यहां ५००-१००० पक्षकार-साक्षी सहित न्यायालय के ही २०० से अधिक स्टाफ मौजूद रहते हैं। वहीं सर्वसुविधायुक्त परिसर की कमी को महसूस करते हुए इसकी जगह नवीन भवन निर्माण के लिए वर्षो से मांग की जाती रही है। हालंाकि रविवार को जबलपुर उच्च न्यायालय न्यायाधीश ने वर्तमान न्यायालय परिसर में ही नवीन भवन निर्माण पर अपनी मुहर नहीं लगाई है। लेकिन सम्भावनाएं है कि वर्तमान व्यवस्थाओं और मुख्य मार्ग को देखते हुए शायद पुराने परिसर में ही नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति पर सहमति बनेगी। फिलहाल मुख्य न्यायाधीश ने जमीनों का निरीक्षण कर यह संकेत दे दिया है कि अब नवीन भवन का निर्माण शीध्र होगा।
बॉक्स: अभिभाषक संघ ने मुख्य न्यायाधीश को सौंपा ज्ञापन
न्यायालयीन समस्याओं को लेकर न्यायाधिपति मप्र. उच्च न्यायालय जबलपुर के आगमन पर अनूपपुर अभिभाषक संघ के सदस्यों के ज्ञापन सौंपा। जिसमें वर्तमान न्यायालय परिसर व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए ५ बिन्दुओं पर न्यायाधीश का ध्यानाकर्षण किया। इनमें भूमि चयन का मामला तत्काल निराकृत करते हुए नवीन भवन निर्माण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग २ की नियुक्ति, जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष की नियुक्ति, श्रम न्यायालय एवं रेलवे मजिस्ट्रेट की नियुक्ति तथा अनूपपुर जिला स्थित भालूमाड़ा थानांतर्गत फुनगा चौकी से उद्भूत होने वाले प्रकरणों का विचारण भी अनूपपुर न्यायालय में किए जाने अनुमति प्रदान की अपील की।
वर्सन:
न्यायाधीश ने दोनों स्थानों का चयन कर प्रस्ताव मंगाया है। जिसमें किसी एक स्थल का चयन कर आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। अनूपपुर अभिभाषक संघ वर्तमान परिसर में ही नवीन भवन के निर्माण के पक्षधर है।
अजय कुमार शर्मा, कलेक्टर अनूपपुर।
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