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मानसून काल में कई जिलों में भीषण बारिश के बीच MP के एक जिले में अभी भी सूखे पड़े हैं 31 तालाब

- दो दिन में बीत जाएगा आषाढ़, कोंचा-अमाही में सिर्फ 30 फीसदी पानी - बारिश : कहीं कम तो कहीं ज्यादा हुई बारिश, नतीजतन तालाबों में नहीं पहुंचा पानी
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अशोकनगर

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Deepesh Tiwari

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Updated: 12 Jul 2022, 1:45 PM IST

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अशोकनगर। एक ओर जहां इन दिनो मध्यप्रदेश के कई जिले लगातार बारिश से जुझ रहे हैं, जिसके चलते पूराने वर्षा के आंकड़ों के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। तो वहीं मप्र में एक जिला ऐसा भी है, जहां अब तक 31 तालाब पानी की कमी से जूझते हुए सूखे पड़े हैं। ऐसे में जहां दो दिन में आषाढ़ माह बीतने के साथ ही श्रावण माह शुरु हो जाएगा, वहीं पानी की कमी इस जिले के लिए सरदर्द का कारण बन सकती है।

इसके अलावा इसी जिले यानि अशोक नबर के कोचा व अमाही तालाब में भी अब सिर्फ 30 फीसदी पानी बचा हुआ है और जिले के शेष 31 तालाब सूखे पड़े हुए हैं। जिनमें अब तक हुई बारिश का पानी नहीं आया है। ऐसे में ये तालाब इस समय खुद प्यासे नजर आ रहे हैं और इन तालाबों को अच्छी बारिश का इंतजार है।

जिले में जल संसाधन विभाग के छोटे व मध्यम 33 तालाब हैं, जिनकी 94 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी भराव की क्षमता है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक कोंचा बांध व शहर की प्यास बुझाने वाले अमाही तालाब में सिर्फ 30 फीसदी ही पानी बचा है। कोंचा बांध की भराव क्षमता 18.71 एमसीएम है, जिसमें अभी 5.32 एमसीएम पानी शेष बचा है तो वहीं 12.58 एमसीएम भराव क्षमता के अमाही तालाब में 3.84 एमसीएम ही पानी बचा है।

जबकि अमाही तालाब से शहर में पेयजल की सप्लाई की जाती है। विभाग की मानें तो जनवरी माह में हुई बारिश की वजह से नहरों से कम पानी छोड़ना पड़ा और इसी वजह से इन तालाबों में इतना पानी बचा हुआ है। लेकिन विभाग के शेष 31 तालाबों में अब तक बिल्कुल भी पानी नहीं आया है।

यह भी खास:
- जिले में अब बारिश का दौर कई दिन से थमा हुआ है और रोज सिर्फ 10-20 मिनिट के लिए हल्की रिमझिम बारिश ही होती है, इससे जिले में अच्छी बारिश का इंतजार है।

- जिलेभर में तो पिछले साल की तुलना में ज्यादा बारिश हो चुकी है, लेकिन मुंगावली क्षेत्र में सबसे कम बारिश हुई है और पिछले साल की तुलना में 48 मिमी कम बारिश हुई है।

- कई दिन से बारिश रुकने की वजह से अब नदियों की धार भी टूटने लगी है और कई छोटी नदियों की धार बहना बंद हो चुकी है, जबकि फसलों को बारिश की जरूरत है।

- मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो-तीन दिन में जिले में अच्छी बारिश का अनुमान है, मौसम अधिकारियों का कहना है कि ट्रफ लाइन ऊपर की ओर खिसकने से बारिश रुकी।

स्थिति: औसत की तुलना में 24.4 फीसदी बारिश, फिर भी कमी
जिले में अब तक 215.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो पिछले साल से 71.5 मिमी अधिक है, पिछले साल 11 जुलाई तक जिले में 144 मिमी बारिश हुई थी। जिले में 11 जुलाई तक 200 मिमी बारिश होना जरूरी है, लेकिन अब तक सामान्य से सात फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 882 मिमी है और अब तक औसत की तुलना में 24.43 फीसदी बारिश हो चुकी है। इसके बाद भी जिले के बांध व तालाबों में पानी का जलस्तर नहीं बढ़ा है। हालांकि नदियों व कुओं के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है।

राजघाट: विदिशा-भोपाल में बारिश तो दो दिन में 40 सेमी बढ़ा जलस्तर
वहीं जिले में बने मप्र व उप्र की संयुक्त परियोजना के राजघाट बांध का जलस्तर पिछले दो दिन में 40 सेमी बढ़ गया है। दो दिन पहले राजघाट बांध का जलस्तर 364.10 मीटर था, जो अब 364.50 मीटर पर पहुंच गया है। राजघाट परियोजना के अधिकारियों का कहना है कि भोपाल-विदिशा में हुई बारिश से व जिले की नदियों की धार शुरू होने से बेतवा की धार तेज हो गई है। इससे राजघाट का जलस्तर दो दिन में 40 सेमी बढ़ गया है। वहीं भोपाल व विदिशा में हुई बारिश की वजह से जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है।

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