27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बिना हेलमेट पेट्रोल देने और टॉयलेट में ताला लटका मिला तो हुई कार्रवाई

खाद्य विभाग ने की कार्रवाई, विभाग ने कार्रवाई कर पेट्रोल पंप से जब्त किया 8.29 लाख रुपए का डीजल-पेट्रोल, पंप संचालक को ही सुपुर्द किया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अशोकनगर

•

image

Arvind jain

•

Updated: 28 Sep 2018, 11:46 AM IST

news

petrol pump

अशोकनगर. बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों को पेट्रोल देने और टॉयलेट में ताला लटका होने पर खाद्य विभाग ने पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई की। साथ ही पेट्रोल पंप से 8.29 लाख रुपए कीमत का डीजल-पेट्रोल जब्त कर लिया। हालांकि बाद में यह जब्त पेट्रोल-डीजल पेट्रोल पंप संचालक की ही सुपुर्दगी में दे दिया गया।

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी किशनप्रसाद पाल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर उन्होंने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मनोरमा कौशिक और प्राची शर्मा के साथ शहर के हुकुमचंद सुमेरचंद पेट्रोल पंप पर पहुंचकर जांच की। जहां पर पंप के कर्मचारी दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट होने के बाद भी वाहनों पेट्रोल भरते दिखे।

साथ ही पंप पर उपभोक्ताओं के लिए बनी टॉयलेट में ताला लटका हुआ था। इसके अलावा 23 सितंबर से स्टॉक और भाव सूची अपडेट नहीं हुई थी, वहीं 26 सितंबर से स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं पाया गया। इससे पेट्रोल पंप से आठ लाख 29 हजार 730 रुपए का डीजल-पेट्रोल जब्त किया गया। साथ ही कार्रवाई के लिए जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं

गौरतलब है सरकार ने 2017 में एक आदेश दिया था कि पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। पेट्रोल पंप संचालकों को हिदायत भी दी गई थी कि बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाना चाहिए। ऐसा करता कोई पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना किया जाएगा। साक ही अलग अलग जिलों के कलेक्टर ने कलेक्टोरेट में अाने वाले अफसरों के ड्राइवरों को सीट बेल्ट लगाकर ही गाड़ी लाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की टीमें सभी चौराहों पर सख्त चैकिंग कर कई वाहन चालकों पर जुर्माना भी वसूला था।


2017 में लागू हुआ था आदेश
बताया जाता है कि जुलाई 2017 में यह आदेश जारी किया गया था कि दो पहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। लेकिन लगातार लोगों की शिकायत और राजनीतिक दबाव के चलते यह फैसला सफल नहीं हो पाया। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग भी अच्छे तरीके से नहीं हो पाई थी।