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नप अध्यक्ष के भाजपा में जाने की खबर से गर्म हुई प्रदेश की राजनीति

-प्रदेश और केन्द्र स्तर के नेताओं से साधा संपर्क, जल्द हो सकती है घोषणा...
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अशोकनगर

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Arvind jain

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Updated: 29 Oct 2018, 3:51 PM IST

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नप अध्यक्ष के भाजपा में जाने की खबर से गर्म हुई प्रदेश की राजनीति

अशोकनगर/ईसागढ़। विकास के दम पर क्षेत्र ही नहीं बरन समूचे प्रदेश में नाम कमाने वाले ईसागढ़ नगर परिषद अध्यक्ष भूपेन्द्र नारायण द्विवेदी के भाजपा में जाने की चर्चा ने राजनैतिक गलियारों में गर्माहट ला दी है।

दिल्ली से लौटने के बाद नप अध्यक्ष के तेवर कुछ बदले नजर आए। इसके बाद रविवार को नप अध्यक्ष भोपाल रवाना हो गए। सूत्रों की मानें तो पार्टी की उपेक्षा से नाराज नगर परिषद अध्यक्ष भूपेन्द्र नारायण द्विवेदी ने भाजपा का दामन थामने का मन बना लिया है।


नगर परिषद भूपेन्द्रनारायण द्विवेदी को राजनीति विरासत में मिली है। वह खुद जहां दो बार नगर परिषद का चुनाव जीतकर वर्तमान में नप के अध्यक्ष पद पर काबिज हैं, वहीं एक बार उनकी पत्नि ने अध्यक्षीय कार्यकाल संभाला है।

कांग्रेस समर्थित द्विवेदी परिवार के कार्यकाल में ईसागढ़ का विकास जिले ही नहीं बरन प्रदेश में भी जाना जाता है। नप के चुनावों के समय जहां भाजपा के स्टार प्रचारकों का तांता लगा रहा। वहीं भूपेन्द्र द्विवेदी के पक्ष में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बमुश्किल दो-तीन सभाएं की।

इसके बाद भी विकास के दम पर भूपेन्द्र द्विवेदी एतिहासिक मतों से जीते। यही कारण है कि कांग्रेस ही नहीं बरन प्रमुख विपक्षी दल के नेता भूपेन्द्र द्विवेदी के विकास के आगे बौने नजर आते हैं।


महज चौबीस घंटे में कट गया था टिकट....
साल 2013 के विधानसभा चुनावों में भूपेन्द्रनारायण द्विवेदी को कांग्रेस पार्टी की ओर से विधायक पद का प्रत्याशी बनाया गया था। इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो चुकी थी। लेकिन महज चौबीस धंटे बाद ही पार्टी ने भूपेन्द्र नारायण का टिकट काटकर गोपाल सिंह चौहान को दे दिया। इसके बाद भी भूपेन्द्रनारायण द्विवेदी सक्रिय कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए काम करते रहे।

दिल्ली से लौटकर बनाया भाजपा में जाने का मन....
नगर परिषद अध्यक्ष ही नहीं, बरन क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी इस बार भूपेन्द्र द्विवेदी को विधायक पद के लिए उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारेगी।


इसी उम्मीद के साथ चंदेरी विधानसभा के ज्यादातर नेता अभी भी दिल्ली में डेरा डाले हैं। लेकिन वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा टिकट वितरण के संबंध में कोई आश्वासन नहीं दिया जा रहा, यहां तक की वरिष्ठ प्रबंधन स्थानीय नेताओं से बात तक नहीं कर रहा।


यही कारण रहा कि दिल्ली से लौटकर उन्होंने भाजपा में जाने का मन बना लिया। हालांकि, भोपाल में आयोजित चुनाव अभियान समिति की बैठक चलने के कारण देर शाम तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई थी।

नप अध्यक्ष ईसागढ़ भूपेन्द्र नारायण द्विवेदी का कहना है कि मैं और मेरे परिवार ने कांग्रेस के एक सक्रिय सिपाही के रूप में काम किया है। बीते विधानसभा चुनावों में भी मेरा टिकट महज 24 घंटे में ही काट दिया था। इसके बाद भी मैने पार्टी के लिए समर्पण भाव से काम किया। लेकिन अब उपेक्षा बर्दास्त नहीं होती।

दिल्ली के नेता कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों से सीधे मुंह बात भी नहीं कर रहे। यही कारण रहा कि मैने भाजपा में जाने का मन बना लिया है। फिलहाल में भोपाल में हूं लेकिन भाजपा प्रदेश कार्यालय पर चुनाव अभियान समिति की बैठक के कारण किसी से संपर्क नहीं हो पाया है।