गौरतलब है कि जिन मीडिया कार्यालयों ने यहां काम बंद करा है, उनमें से छह से अधिक तालिबान का समर्थन करते हैं। यह मीडिया हाउस तालिबान के मुखपत्र की तरह हैं। इन्हें तालिबानी गतिविधियों की आवाज के तौर पर आतंकी इस्तेमाल करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हेलमंड, कांधार, बदखशां, तखर, बगलान, समंगन, बल्ख, सार-ए-पुल, जॉजवां, फरयाब, नूरिस्तान और बदगिल में ये मीडिया संस्थान संचालित हो रहे थे।