बता दें कि ये विरोध प्रदर्शन चीन के आधिकारिक नास्तिकवादी कम्युनिस्ट पार्टी के उस कदम के बाद आ रही है जिसमें उन्होंने देश के 20 मिलियन से अधिक मुसलमानों के कट्टरपंथी विचारों पर हमला करना शुरू किया है। वहीं पश्चिम के झिंजियांग क्षेत्र में , उइघुर और कज़ाख मुस्लिम अल्पसंख्यकों के सैकड़ों सदस्यों को शिक्षा शिविरों से हिरासत में लेने का मामला भी सामने आया है।