
नई दिल्ली।
कोरोना महामारी की शुरुआत करीब दो साल पहले चीन से ही हुई थी। इसके बाद पूरी दुनिया में जो हालात बने वह अब तक जारी हैं और किसी से छिपे नहीं हैं।
अब दो साल बाद चीन में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और यह चिंताजनक स्थिति में पहुंच गए हैं। हाल यह है कि वहां फिर से लाॅकडाऊन लगाने की नौबत आ गई है। चीन की सरकार ने नागरिकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे जरूरी सामानों का स्टाक कर लें और घबराएं नहीं।
चीन की सरकार ने अपने नागरिकों को निर्देश जारी करते हुए अपील की है कि वे घबराएं नहीं। सरकार ने नागरिकों से आपात स्थिति में जरूरी वस्तुओं को स्टॉक करने को कहा है। अधिकारियों ने परिवारों से पर्याप्त मात्रा में खाद्य पदार्थ रखने का निर्देश जारी किया है। प्रशासन ने अधिकारियों से खाद्य पदार्थ की आपूर्ति बनाए रखने को कहा है।
चीन के इस नए निर्देश को लेकिन सोशल मीडिया साइट्स पर लोग अटकलें लगा रहे हैं। जिनपिंग सरकार ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि लोगों से सामान स्टॉक करने को क्यों कहा जा रहा है। मगर मीडिया रिपोर्ट में उच्च अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह कोरोना महामारी बढ़ने के बाद इसे नियंत्रित करने के लिए लाॅकडाऊन के फैसले के तहत किया जा रहा है। वहीं, विशेषज्ञ भी चीन के इस कदम को वहां फिर से बढ़ रहे कोरोना वायरस के केस से जोड़कर देख रहे हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति ने लोगों से मंत्रालय की सलाह से चिंतित नहीं होने की अपील की है।
चीनी कॉमर्स मिनिस्ट्री की ओर से जारी असामान्य नोटिस अक्टूबर में भारी बारिश के बाद आया है, जिसके कारण बाढ़ आई और फसलों को नुकसान पहुंचा है। वैसे चीन के कुछ प्रांतों में गंभीर स्थिति के बाद लाॅकडाऊन पहले से लगा है, मगर इससे स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद इसे सख्ती से देशव्यापी करने पर गंभीरता से विचार हो रहा है।
Published on:
2 Nov 2021, 5:36 PM IST
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