इस्लामाबाद। पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यस्था और तख्तापलट के आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में अपनी सत्ता बचाने और आर्थिक बदहाली को दूर करने के लिए इमरान खान को भारत से आस नजर आ रही है।
दरअसल, इमरान खान को उम्मीद है कि करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा। क्योंकि हजारों की संख्या में सिख श्रद्धालु भारत और दुनिया के कई देशों से गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशपर्व में शामिल होने के लिए करतारपुर पहुचेंगे।
इमरान खान ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि करतारपुर कॉरिडोर सिख समुदाय के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगा।
9 नवंबर को खुलेगा गलियारा
इमरान खान ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर का काम अंतिम चरण में है और पाकिस्तान इसे सिख श्रद्घालुओं के लिए खोलने को तैयार है। इस गलियारे को 9 नवंबर को औपचारिक तौर पर खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस गलियारे के खुलने से न केवल सिख समुदाय के लिए धार्मिक केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगा।
बता दें कि शनिवार को पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें पत्र लिखा है और कहा कि वे एक मुख्य अतिथि के तौर पर नहीं बल्कि एक आम श्रद्धालु की तरह करतारपुर आएंगे।