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UN बैन के बाद भी नॉर्थ कोरिया ने कमाए 20 करोड़ डॉलर, म्यांमार तक पहुंचाई मिसाइल

एक रिपोर्ट का दावा है कि उत्तर कोरिया कोयला, लोहा और स्टील जैसी अन्य वस्तुओं का निर्यात करके प्रतिबंधों की अनदेखी कर रहा है।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 3 Feb 2018, 3:28 PM IST

Kim jong-UN

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया कोयला, लोहा और स्टील जैसी अन्य वस्तुओं का निर्यात करके संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए प्रतिबंधों की अनदेखी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इस तरह की वस्तुओं के निर्यात से उत्तर कोरिया ने करीब 20 करोड़ डॉलर का रेवेन्यु जमा किया है।

जुलाई 2017 से लगा था प्रतिबंध
उत्तर कोरिया पर यह प्रतिबंध जुलाई 2017 में लगाया गया था। दरअसल उत्तरी कोरिया ने दो अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया द्वारा इन वस्तुओं का निर्यात किए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि उत्तर कोरिया को इनके निर्यात से वर्ष 2017 में करीब 20 करोड़ डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ।

सीरिया व म्यांमार के साथ सैन्य सहयोग के भी सबूत
साथ ही संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में बताया गया कि संस्था के विशेषज्ञों के पैनल को बैलिस्टिक मिसाइल और केमिकल वेपन को बनाने के लिए उत्तरी कोरिया द्वारा सीरिया व म्यांमार के साथ सैन्य सहयोग के भी सबूत मिले हैं।

पिछले साल जनवरी से सितंबर के बीच लगभग 20 करोड़ डॉलर की कमाई
विशेषज्ञों द्वारा जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया प्रस्तावों के तहत प्रतिबंधित लगभग सभी वस्तुओं का निर्यात कर रहा है और इसके चलते उसे साल 2017 के जनवरी से सितंबर के बीच लगभग 20 करोड़ डॉलर की कमाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग तरीकों से चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, रूस और वियतनाम को जहाज की मदद से कोयला भेजा गया। हालांकि चीन ने हमेशा से प्रतिबंधों के उल्लंघन की बात से इनकार किया है। रिपोर्ट में खास कर इस बात पर जोर दिया गया कि उत्तर कोरिया पहले से ही वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला, विदेशी नागरिकों, अपतटीय कंपनियों की रजिस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली के नियमों का उल्लंघन करता रहा है।
गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के सैन्य कार्यक्रम को मिलने वाले रेवेन्यू पर रोक लगाने के लिए पिछले साल कई प्रतिबंध लगाए थे।