2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Panchang : आज का पंचांग 3 मई 2026: रविवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया | Vrat Tyohar May 2026

Aaj Ka Panchang 3 May 2026 (Sunday) : आज का पंचांग 3 मई 2026 (रविवार) में जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र, योग, दिशा शूल और उपाय। साथ ही जानें आने वाले व्रत-त्योहार और आज जन्मे बच्चों की राशि व भविष्यफल।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

image

Pandit Mukesh Bhardwaj

May 02, 2026

Aaj Ka Panchang 3 May 2026

Aaj Ka Panchang 3 May 2026 : आज का पंचांग 3 मई 2026: रविवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और राशिफल जानें

Aaj Ka Panchang 3 May 2026 (Sunday): 3 मई 2026, रविवार का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के दिन त्रिपुष्कर योग और राजयोग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं। इस पंचांग में आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र और दिशा शूल की पूरी जानकारी मिलेगी। साथ ही, आवश्यक उपायों और आने वाले व्रत-त्योहारों का विवरण भी दिया गया है, जिससे आप अपने दिन की बेहतर योजना बना सकते हैं। पंडित मुकेश भारद्वाज से जानिए आज का पंचांग

आज का पंचांग रविवार 3 मई, 2026 | Aaj Ka Panchang 3 May 2026 (Sunday)

  • विक्रम संवत् - 2083
  • संवत्सर नाम – रौद्र
  • शक संवत् – 1948
  • हिजरी सन् – 1447
  • मु. मास – 15 जिल्काद
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
  • मास – प्रथम ज्येष्ठ (शुद्ध)
  • पक्ष – कृष्ण

आज का चौघड़िया

आज दिन में चर का चौघड़िया 7.29 से 9.07 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.07 से 12.24 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.02 से 3.40 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – द्वितीया तिथि अंतरात्रि 3.02 तक होगी तदुपरान्त तृतिया तिथि होगी ।
नक्षत्र – विशाखा नक्षत्र दिन 7.10 तक रहेगा तदुपरान्त अनुराधा नक्षत्र होगा ।
योग – वरियान योग रात्रि 10.28 तक रहेगा तदुपरान्त परिघ योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण दिन 1.56 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
विशिष्ट योग – त्रिपुष्कर योग प्रातः 7-10 तक. राजयोग प्रातः 7-10 से सूर्योदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – देव प्रतिष्ठा मुहूर्त, प्रसूति स्नान मुहूर्त अनुराधा नक्षत्र में, मशीनरी शुभारम्भ व कर, मोटर वाहन क्रय मुहूर्त अनुराधा नक्षत्र में,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि वृश्चिक राशि में होगा ।

साप्ताहिक व्रत-त्योहार एवं विशेष योग (4 मई – 10 मई 2026)

दिनांकवारप्रमुख व्रत/त्योहारप्रमुख योग/घटनाएं
4 मई 2026सोमवारमां आनन्दमयी जयंतीभद्रा 16:13 से रात्रि 5:25 तक, गंडमूल प्रारंभ 9:58 से, सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से 9:58 तक
5 मई 2026मंगलवारअंगारक चतुर्थी व्रतचंद्रोदय (जयपुर) 10:32 रात, विवाह मुहूर्त (मूल नक्षत्र), गंडमूल पूरे दिन
6 मई 2026बुधवारबुध भरणी नक्षत्र प्रवेश 3:58 रात, प्लूटो वक्री 9:00 रात, चतुर्थी वृद्धि, गंडमूल 15:54 तक, यमघट योग सूर्योदय से 3:54 तक, कुमार योग 7:52 से 3:54 तक
7 मई 2026गुरुवारRabindranath Tagore जयंतीविवाह मुहूर्त (उत्तराषाढ़ा नक्षत्र), रवियोग 6:46 शाम से
8 मई 2026शुक्रवारभद्रा 12:22 से 1:12 रात तक, शुक्र मृगशिरा नक्षत्र प्रवेश 9:47 रात, रवियोग 9:20 रात तक, सर्वार्थसिद्धि योग 9:20 रात से
9 मई 2026शनिवारकालाष्टमी, Gopal Krishna Gokhale जयंतीद्वितीय शनिवार, टैगोर जयंती (बंगाल), विवाह मुहूर्त (धनिष्ठा), महापात योग 6:53 से 11:52 रात, सर्वार्थसिद्धि योग 11:25 रात तक
10 मई 2026रविवारमदर्स डे, दादूदयाल पुण्य दिवसमेला चनानी माताजी, त्रिलोकनाथ अष्टमी (बंगाल), पंचक प्रारंभ 12:13 दिन से, विवाह मुहूर्त (धनिष्ठा)

आज जन्म लेने वाले बच्चे

  • आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी ।
  • आज दिन 7.10 तक जन्म लेने वाले बच्चों का विशाखा नक्षत्र होगा तदुपरान्त अनुराधा नक्षत्र होगा ।
  • आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
  • आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर तो, न, नी, नू, ने पर रखे जा सकते हैं।

वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, साहसी, उत्साही, व्यवहार-कुशल, स्पष्टवादी, परिश्रमी, कर्तव्यनिष्ट, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। ऐसे जातक जिस कार्य को करने का निश्चय कर लेते हैं उसे दृढ़तापूर्वक पालन करने का प्रयास भी करते हैं। ये केमिस्ट, इंजिनियर, वकील, पुलिस, सेना-विभाग, अध्यापन, ज्योतिष, अनुसंधानकर्ता के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं।

बड़ी खबरें

View All

धर्म/ज्योतिष

ट्रेंडिंग