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सरकार को खुश करने अफसर कर रहे गलती, कहीं न हो कोलकाता जैसा हाल

आरओबी : डेडलाइन के कारण हो रही जल्दबाजी
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Anwar Khan

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Apr 02, 2016

pul

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भोपाल. कोलकाता में फ्लाईओवर गिरने की घटना ने डेडलाइन के दबाव के भयानक परिणाम जनता के सामने उजागर कर दिए हैं। हबीबगंज रेलवे ओवर ब्रिज को नवरात्रि से पहले पूरा करने की सनक में नगर निगम और नागार्जुन कंस्ट्रक्शन के इंजीनियर भी कुछ एेसी ही गलती को दोहराने की तैयारियां कर रहे हैं। दरअसल ब्रिज के ठीक ऊपर होशंगाबाद लेन पर 2.5 फीट के दो ज्वाइंट बनाए गए हैं। ये ब्रिज के नीचे वर्टिकल रखे गए कंक्रीट गर्डर को आपस में जोडऩे के लिए हैं। गुरुवार रात ही इन ज्वाइंट में सीमेंट भरी गई है, जिसे 8 अप्रैल से पहले खोलने की तैयारियां हैं। ब्रिज पर दूसरे ज्वाइंट को सूखने और पकने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था, जबकि डेडलाइन करीब होने से इन ज्वाइंट से आठ दिन में सपोर्ट हटाए जाएंगे।

प्रतिघंटा 12 हजार वाहन गुजरेंगे
हबीबगंज नाके के मौजूदा ट्रैफिक प्रेशर को देखते हुए आरओबी के गणेश मंदिर आर्म से प्रति घंटा 12 हजार वाहनों के चढऩे का आकलन विशेषज्ञों ने किया है। ब्रिज के 2.5 फीट वाले उपरोक्त ज्वाइंट अगर इन वाहनों का वजन नहीं झेल सके तो किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। डेडलाइन की हड़बड़ी में इस तरफ फिलहाल नगर निगम का ध्यान नहीं किया गया है।

ज्वाइंट को सूखने के लिए आठ दिन का समय पर्याप्त है। इनके नीचे कंक्रीट के स्पान का सपोर्ट है इसलिए ट्रैफिक का डायरेक्ट लोड ज्वाइंट पर नहीं आएगा।
-ओपी भारद्वाज, सिटी इंजीनियर