
Akhilesh Yadav
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अयोध्या में सेना तैनात किए जाने के बयान से सत्तापक्ष के घेरे में आ गए हैं। रक्षा मंत्री ने तो तुरंत अखिलेश की मांग पर जवाब देते हुए उन्हें यूपी में सीएम योगी के शासन में आंकड़ों का रिव्यू करने की बात कह दी थी, तो वहीं कई अन्य दिग्गज नेताओं ने उन्हें पिता मुलायम सिंह यादव द्वारा 1992 में कारसेवकों पर चलाई गई गोलियों की याद दिलाते हुए उन्हें भड़काऊ बयानबाजी न करने की हिदायत तक के डाली। लेकिन इसी बीच भाजपा सरकार में ही एक मंत्री ने अखिलेश यादव की मांग का समर्थन कर बीजेपी में हड़कंप मचा दिया है।
अखिलेश ने उठाई थी सेना तैनात किए जाने की मांग-
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने शनिवार को शिवसैनित व रविवार को विहिप की धर्मसभा के लिए इकट्ठा हो रहे लाखों समर्थकों से अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टिगत सुप्रीम कोर्ट से सेना तैनात करने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि यूपी में खासकर अयोध्या में माहौल जिस प्रकार है, सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो सेना भेजनी चाहिए। इस पर सीधे देश की रक्षा मंत्री ने जानकारी होने पर ऐसी किसी भी स्थिति पैदा न होने की बात कही थी।
सीतारमण ने दिया था जवाब-
देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा था कि मुझे नहीं पता कि अखिलेश यादव जी ने किस मापदंड का उपयोग कर ऐसा कहा है। एक सक्षम सरकार सीएम योगी के नेत्रत्व में उत्तर प्रदेश में है। वो अच्छा काम कर रहे हैं। अखिलेश आंकड़ों का रिव्यू करें। अयोध्या में ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए सेना तैनात की जाए। वास्तव में, पूरे देश में कहीं भी ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
भाजपा सरकार के मंत्री ने कहा- मैं अखिलेश यादव से सहमत हूं
इसी के साथ जहां भाजपा के अन्य दिग्गजों ने अखिलेश पर हमला किया है तो वहीं यूपी में भाजपा सरकार में मंत्री वो सहयोगी दल सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष की मांग को जायस ठहराया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि अयोध्या में धारा 144 लगाई गई है, इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो रहे हैं। इसका मतलब है कि प्रशासन फेल हो गया है। उन्होंने साफ कहा कि मैं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सहमत हूं।अयोध्या में प्रशासन फेल हो चुका है, इसलिए जरूरी है कि वहां सेना बुलाई जाए।
Published on:
24 Nov 2018 08:36 pm
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