
अब स्कूल बसों में लगेंगे कैमरा और सेंसर
कोरोना महामारी से धीमें-धीमें उबरने के बाद अब जिंदगी पटरी पर लौट रही है, साथ ही लोगों की दिनचर्या भी पहले जैसी होती जा रही है। अब तक ऑनलाइन चलने वाली बच्चों की क्लॉसेज लगभग खत्म हो चली हैं और नए सत्र के शुरूआत के साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने की भी तैयारी हो रही है।
ऐसे में तमिलनाडु सरकार राज्य में स्कूली बच्चो की सेफ़्टी के लिए मोटर वाहन नियमों में संशोधन करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत तमिलनाडु सरकार ने राज्य मोटर वाहन विभाग को स्कूल बसों में कैमरे और सेंसर लगाने के लिए तमिलनाडु मोटर वाहन (स्कूल बसों के रेगुलेशन और कंट्रोल) विशेष नियम 2012 में संशोधन करने के लिए कहा है।
राज्य के गृह विभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना में निर्देश दिया है मोटर वाहन विभाग यह सुनिश्चित करे कि स्कूल बसें कैमरे और सेंसर से लैस हों। सरकार ने अपने निर्देश में बसों में पीछे देखने के लिए रियर व्यू कैमरा लगाने के लिए कहा है ताकि चालक को रिवर्स लेते समय पीछे की तरफ का पूरा हिस्सा दिखाई दे। साथ ही, चेतावनी संकेत देने के लिए पीछे के छोर पर सेंसर भी लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य परिवहन और सड़क सुरक्षा आयुक्तालय (Commissionerate) के अनुसार, राज्य में 34,463 शैक्षणिक संस्थागत बसें चल रही हैं। यदि मोटर वाहन विभाग नियमों में संशोधन करता है तो इन सभी शिक्षण संस्थानों की बसों में कैमरे और सेंसर लगाने होंगे। बता दें कि, मद्रास उच्च न्यायालय ने सेलाइयुर में एक घटना का स्वत: संज्ञान लिया था जिसमें स्कूल बस से एक बच्चे के गिरने और बस द्वारा कुचल दिए जाने के बाद कक्षा 2 के एक छात्र की मौत हो गई थी।
एक और मामले में बीते 28 मार्च, 2022 को एक आठ वर्षीय लड़के की स्कूल बस से कुचलने से मौत हो गई थी। ये हादसा उस वक्त हुआ था जब चालक बस को स्कूल परिसर में ही पीछे कर रहा था। इस तरह की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अब राज्य सरकार स्कूली बच्चो के सुरक्षा के मद्देनजर बसों में कैमरा और सेंसर लगाने का प्रावधान करने वाली है। सुरक्षा के लिहाज से ये बेहद ही जरूरी कदम है, क्योंकि बस आकार में बड़ी होती है और ऐसे में चालक की नजर आसपास का एरिया होना बेहद ही जरूरी होता है, ख़ासकर बस के पीछे का हिस्सा।
Updated on:
30 Jun 2022 06:54 pm
Published on:
30 Jun 2022 06:49 pm
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