
बजरंग लाल बागड़ा: (फोटो- पत्रिका)
Ram Mandir Trust New General Secretary: अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। सोमवार यानी 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में वर्तमान महासचिव चंपत राय का इस्तीफा आधिकारिक रूप से मंजूर कर लिया गया है। अब चंपत राय की जगह विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। हालांकि, अभी बजरंग लाल बागड़ा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त करने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
बजरंग लाल बागड़ा मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने लोसल के सरकारी स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी करते हुए राजस्थान बोर्ड में स्टेट मेरिट हासिल की थी। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बागड़ा ने जयपुर के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज से B.Com की डिग्री हासिल की। वह पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) भी रह चुके हैं। रामलला के खजाने और मंदिर प्रबंधन की पूरी कमान अब उनके ही हाथों में होगी। बागड़ा के पास कॉर्पोरेट सेक्टर और सरकारी महकमों को संभालने का एक लंबा और शानदार तजुर्बा है, जो राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को दुरुस्त करने में बेहद अहम साबित होगा।
इतने बड़े और संवेदनशील पद के लिए बजरंग बागड़ा को उनकी अद्भुत प्रशासनिक क्षमता के कारण चुना गया है। उन्होंने नवंबर 2000 से लेकर फरवरी 2007 तक RITES LTD (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) के डायरेक्टर ऑफ फाइनेंस के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वह भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन आने वाली देश की प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी राष्ट्रीय एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। उन्होंने 2013 तक इस शीर्ष पद की कमान संभाली।
सरकारी नौकरी के दौरान ही उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया था। नौकरी छोड़ने के बाद वह पूरी तरह से विश्व हिंदू परिषद में सक्रिय हो गए। उनकी सांगठनिक निष्ठा बेदाग छवि और योग्यता को देखते हुए ही इसी साल फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विहिप की राष्ट्रीय बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से संगठन का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित किया गया था। वह हिंदू समाज और मंदिरों के प्रबंधन पर अपना पक्ष बेहद मजबूती से रखने के लिए जाने जाते हैं।
सरकारी सेवा के बाद बजरंग बागड़ा ने अपना पूरा समय समाज सेवा और ग्रामीण सशक्तिकरण के काम में लगा दिया। साल 2013 से 2021 तक उन्होंने एकल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभाई। उनके शानदार नेतृत्व में यह सामाजिक आंदोलन देश के 62 हजार से ज्यादा गांवों तक फैला। इस अभियान के तहत करीब 59 हजार स्कूल चलाए गए जिससे 16 लाख से अधिक बच्चों को सीधा फायदा मिला। इन स्कूलों के जरिए दूरदराज के ग्रामीण बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास का लाभ पहुंचाया गया।
चंपत राय के इस्तीफे और बजरंग बागड़ा की नियुक्ति का ऐतिहासिक फैसला अयोध्या में हुई ट्रस्ट की बैठक में सभी की सहमति से लिया गया। नवनियुक्त महासचिव बजरंग बागड़ा इस समय अयोध्या राम मंदिर परिसर क्षेत्र में ही मौजूद हैं। हालांकि प्रशासनिक और रणनीतिक कारणों से वह सीधे तौर पर ट्रस्ट की इस बैठक में भाग नहीं ले रहे थे। बताया जा रहा है कि सभी जरूरी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वह जल्द ही अपना नया कार्यभार संभाल लेंगे।
Updated on:
06 Jul 2026 06:00 pm
Published on:
06 Jul 2026 06:00 pm
