
अयोध्या में राम जन्मोत्सव: 6 अप्रैल को रामनवमी के दिन भगवान रामलला का पूजन सुबह 9:20 बजे से शुरू होगा और 10:30 बजे तक अभिषेक की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे और उनका श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर 12:00 बजे भगवान के मस्तक पर सूर्य किरणों से तिलक किया जाएगा जिसे दुनिया भर के श्रद्धालु लाइव देख सकेंगे। इस बार यह सूर्य तिलक स्थायी रूप से आयोजित किया जा रहा है ताकि अगले 20 सालों तक इस परंपरा को जारी रखा जा सके। पिछले वर्ष भी यह अभिषेक हुआ था लेकिन वह अस्थायी व्यवस्था थी।
रामलला के सूर्य तिलक की प्रक्रिया वैज्ञानिक विधि से संपन्न होगी। पहले भगवान का खोट्स विधि से अभिषेक किया जाएगा और फिर उन्हें नवीन वस्त्र पहनाए जाएंगे। सूर्य अभिषेक के बाद महा आरती होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट इस पूरे आयोजन का सीधा प्रसारण करेगा, ताकि दुनियाभर में भक्त इसे देख सकें।
राम जन्मोत्सव को लेकर अयोध्या में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। नवरात्रि के प्रारंभ से ही पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहेगा। राम मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाएगा और सात दिनों तक राम कथा का आयोजन होगा। इसके अलावा रामायण पाठ, राम चर्चा और एक लाख महा मंत्रों की आहुति प्रतिदिन दी जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा कुबेर टीले पर रामभक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। पूरे अयोध्या में विभिन्न मठों और मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे और उन्होंने रामलला के जन्मोत्सव को दिव्य और भव्य बनाने के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि इस बार जन्मोत्सव को विशेष रूप से ऐतिहासिक बनाने की योजना है। ठीक दोपहर 12:00 बजे भगवान रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणों से तिलक होगा और यह दृश्य पूरे विश्व में प्रसारित किया जाएगा।
Updated on:
28 Mar 2025 06:29 pm
Published on:
28 Mar 2025 06:28 pm
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