
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह (फोटो- पत्रिका)
राम मंदिर में दान राशि के गबन मामले पर चल रही जांच के बीच केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। भगवान के नाम पर मिले धन में गड़बड़ी करना बेहद गंभीर अपराध है। मंत्री ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
गोण्डा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राम मंदिर दान राशि से जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चल रही है। और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है?
मंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें मंदिर की व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। ऐसे में यह भी संभव है कि कुछ लोगों ने उनका भरोसा जीतकर गलत काम को अंजाम दिया हो। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती। तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि भगवान राम के मंदिर के लिए देश और विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया है। ऐसे धन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या चोरी बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े धन का दुरुपयोग करना समाज और विश्वास दोनों के साथ धोखा है।
उन्होंने आरोपियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग चोरी जैसी प्रवृत्ति रखते हैं। वे अवसर मिलने पर कहीं भी गलत काम कर सकते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि भविष्य में कोई दूसरा व्यक्ति ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए काम कर रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी। और जल्द सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में राम मंदिर की दान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाया जाएगा। जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है। उसे किसी भी कीमत पर ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। यही वजह है कि मंदिर प्रशासन और संबंधित संस्थाएं आगे बेहतर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लागू करने पर भी विचार कर रही हैं।
Published on:
27 Jun 2026 05:25 pm
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