
Azamgarh news
आजमगढ़. कोरोनावायरस बीमारी को लेकर अजीबोगरीब वाकया देखने को मिल रहा है। महामारी का कारण बने कोरोनावायरस ने आजगढ़ में भगवान का रूप ले लिया है। अंधविश्वास में पड़कर लोग पूर्व में जैसे चेचक (मिजिल्स) के प्रकोप को छोटी माता व बड़ी माता बताकर पूजते थे, वैस ही अब आजमगढ़ की महिलाएं वायरस को ‘कोरोना माई’ कहकर बुला रही हैं। शुक्रवार को वायरस को माता का रूप मान कुछ महिलाएं इसकी पूजा करती नजर आई। इस दौरान वह ‘कोरोना माई’ को लौंग, मिठाई व फ़ूल चढ़ाती दिखीं। उन्होंने दावा किया कि दो हफ्ते तक शुक्रवार को पूजा करने से गांव कोरोना संकट से मुक्त हो जाएगा। आपको बता दें कि जिले में कोराना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 149 लोग यहां कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिसमें तीन की मौत हो चुकी है।
ऐसे की पूजा-
शुक्रवार की सुबह बारिश के बीच तमाम महिलाएं जिला मुख्यालय स्थित एसकेपी इंटर कालेज पहुंच गई। बारिश से बेपरवाह कई महिलाएं एक लाइन में बैठकर 'कोरोना माता' की पूजा अर्चना करती नजर आईं। महिलाएं पूजन सामग्री के साथ खुरपी भी लिए हुए थीं। पूजा सामाग्री में महिलाओं के पास नौ लौंग, नौ पान के पत्ते, नौ लाल रंग के पुष्प व नौ लड्डू आदि मौजूद था। महिलाओं ने पहले सामने खुरपी से गड्ढ़ा खोदा, कोरोना माता की अर्चना की। उसके बाद पूजन सामाग्री गड्ढ़े में डालकर उसे दबा दिया।
कहा- कोराना माई खुश हो जाएंगी
महिलाओं का दावा था कि दो सप्ताह सोमवार व शुक्रवार को पूजन अर्चना से कोराना माई खुश हो जाएंगी तथा गांव को कारोना संक्रमण से मुक्ति मिल जाएगी। महिलाओं के इस अंधविश्वास की क्षेत्र में जोरदार चर्चा है।
Published on:
5 Jun 2020, 10:06 PM IST
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