
यूपी के बागपत जिले में सेना की वर्दी का रौब देखने को मिला। यहां एक आर्मी के वाहन से सेना के जवान कर्नल के साथ वर्दी में आते हैं। उनके हाथों में हथौड़े थे। गाड़ी से उतरकर सीधा एक मकान में लगे गेट को तोड़ने लगते हैं। मकान का गेट तोड़कर अपने वाहन में लाद ले जाते हैं। नजारा बिल्कुल ऐसा कि जैसे जवान किसी मिशन पर हों।
मामला यूपी के बागपत जिले के वाजिदपुर गांव का है। यहां एक परिवारिक जमीन का दो भाइयों में झगड़ा है। बड़ा भाई मकान बनवा रहा था छोटे ने अपनी जमीन बताकर रोका जब नहीं रुके तो उन्होंने अपने कर्नल बेटे को बताया। कर्नल बेटा तैश में आ गया और वह जवानों के साथ ‘मिशन परिवारिक झगड़े’ पर निकल लिया।
लेफ्टिनेंट कर्नल तरुण कुमार के पिता ऋषिपाल वाजिदपुर गांव में रहते हैं। ऋषिपाल के बड़े भाई धीर सिंह पूर्व प्रधानाचार्य थे वह भी गांव में रहते हैं। धीर सिंह अपनी पैतृक जमीन पर मकान बनवा रहे थे। इसी जमीन पर दोनों परिवारों के बीच झगड़ा चल रहा था। कर्नल अपने जवानों के साथ पहुंचा और गेट को तोड़ दिया।
लेफ्टिनेंट कर्नल 8 से 10 जवानों को लेकर सेना की गाड़ी से बागपत के वाजिदपुर गांव पहुंचा। सेना के जवान जब वाहन से उतरे तो उनके हाथों में हथौड़े थे। वह पूर्व प्रधानाचार्य धीर सिंह के मकान की ओर चल दिए। मकान पर पहुंचकर सबसे पहले जवानों ने गेट तोड़ना शुरू किया। हथौड़े के वार से जवानों ने दोनों गेट उखाड़ फेंके। इसके बाद जवानों ने गेट को सेना की गाड़ी में लाद लिया और साथ लेकर गए। इस दौरान जवानों की पूर्व प्रधानाचार्य से कहासुनी हुई। हालांकि मौके पर पुलिस पहुंची।
जिस सेना के ट्रक से जवान आए थे। उसके नंबर पर सफेद कागज चस्पा था। जैसे कि जवान किसी खुफिया मिशन पर हों। वह अपनी पहचान गुप्त रखना चाह रहे हों। लेकिन बागपत में तो ऐसा कोई बार्डर नहीं लगता जहां आपरेशन किया जाना हो।
गेट उखाड़ने के बाद कर्नल बोला - भैंस यहीं बधेगी : सेना के जवानों के गेट उखाड़ने के बाद कर्नल तरुण कुमार बोला कि अब से भैंस यहीं पर बंधेगी। ध्यान रखिएगा।
बागपत पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल तरुण कुमार, उनके पिता ऋषिपाल समेत चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। सीओ विजय कुमार ने बताया कि जिस मकान को लेकर विवाद चल रहा है उस पर कोर्ट के द्वारा स्टे है। कुछ दिन पहले इस मामले में मारपीट भी हुई थी। फिलहाल पूरे मामले की रिपोर्ट सेना मुख्यालय को भेज दी गई है।
पूर्व प्रधानाचार्य धीर सिंह ने बताया कि मैं अपनी पोती के रहने के लिए मकान बनवा रहा था। उसके माता-पिता की पहले ही सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। कर्नल तरुण कुमार ने यहां आकर जवानों के साथ मकान में तोड़फोड़ की और इसके बाद गाली-गलौच भी की। कर्नल ने कहा कि अगर इस मकान में रहे तो गोलियों से भून दूंगा। जवान दरवाजा उखाड़ कर साथ ले गए।
Updated on:
5 Jun 2025, 12:39 PM IST
Published on:
4 Jun 2025, 6:46 PM IST
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