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अजब गजब : यहां हर घर में आ रहा एक जैसा बिजली बिल, कई मकानों के मीटर भी बंद हैं, फिर भी जल रहे यूनिट

- बिजली कंपनी का अजब कारनामा- इन दो गांवों में एक जैसा आता है बिल- बिजली मीटर बंद फिर भी आ रहा बिल- विभाग की उदासीनता से ग्रामीण परेशानी
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बालाघाट

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Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 15 Jan 2023, 7:21 PM IST

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अजब गजब : यहां हर घर में आ रहा एक जैसा बिजली बिल, कई मकानों के मीटर भी बंद हैं, फिर भी जल रहे यूनिट

क्या आपने कभी सोचा है कि, की आप जिस इलाके या शहर में रहते हैं, वहां बिजली कितनी भी इस्तेमाल की जाए, बिल पूरे इलाके और शहर का एक ही बिजली बिल आए। आप सोचेंगे, ये कैसे संभव है। हर घर में अलग अलग बिजली की खपत होती है तो भाल बिजली बिल एक जैसा कैसे आ सकता है। लेकिन ये कारनामा कर दिखाया है, मध्य प्रदेश विद्युत विभाग ने।

दरअसल, मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में दो गांव ऐसे हैं, जहां रहने वाले सभी लोगों के घरों का बिजली बिल एक जैसा ही आता है। जिले के अंतर्गत आने वाले इन गांवों का नाम है वनग्राम खारा और पोलबत्तुर। इन दोनों गांवों में करीब 150 आदिवासी परिवारों के घर हैं। खास बात तो ये है कि, इन 150 घरों में कुछ घर तो ऐसे हैं, जिनके बिजली मीटर बंद पड़े हैं, यानी वो बिजली इस्तेमाल ही नहीं कर रहे हैं, बावजूद इसके इन घरों पर भी हर महीने समय पर वहीं बिजली बिल पहुंच रहा है, जो गावों के अन्य घरों पर पहुंचता है।

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क्या है ग्रामीणो की समस्या ?

आपको बता दें कि, दोनों गांवों के 150 घरों में से वो लोग जिनके घर के मीटर बंद पड़े हैं, वो सौर ऊर्जा की मदद से अपने घरों को रोशन करते हैं। बावजूद इसके गांवों के सभी घरों में बिजली का बिल एक सा ही आता है। ग्रामीण मुकेश विशवकर्मा का कहना है कि, गांव में बिजली न होने के कारण महीने की अधिकतर रातें ग्रामीणों को अंधेरे में ही गुजारनी पड़ती हैं। चूंकि गांव घने जंगल में है और ऐसे में बिजली न रहने से ग्रामीणों को जंगली जानवरों का भी डर लगा रहता है। गांव में जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजना की पाइप लाइन तो बिछाई गई है, साथ ही घरों में पानी के कनेक्शन भी दिये गए हैं, लेकिन बिजली ना होने के कारण इस योजना का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

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क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

वहीं, इस संबंध में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता एम.ए. कुरैशी का कहना है कि, खारा और पोलबत्तुर में जंगल से केबल गई है। जहां पेड़ ही टहनियों की वजह से अकसर केबल टूट जाती है और अब तो ज्वाइंट भी काफी हो गए हैं। ऐसे में वोल्टेज की कमी की समस्या भी यहां बड़ी चुनौती है। जैसे तैसे ग्रामीण सिर्फ अपना मोबाइल फोन ही चार्ज कर पाते हैं। लेकिन, न तो बल्ब जल पाते हैं और न ही पंखे चल पाते हैं। हालांकि, हर घर में एक जैसा बिल पहुंचने के सवाल पर गोलमोल प्रतिक्रिया देते हुए मंख्य अभियंता ने कहा कि, एक साथ ग्रामीणों ने बिल जमा किया होगा। जिसकी वजह से इस तरह से उन्हें बिल आता है। रही बात मीटर खराब होने की तो इसकी जानकारी हमें भी है और इसी कारण उनकी एक जैसी ही अनुमानित बिलिंग की जा ने लगी होगी।

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