
CG Collector: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए प्रदेश के दूसरे जिलों में प्रशासन चौपाल लगाने तक सीमित रह गया। बलौदाबाजार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सीधे फोन कॉल पर लोगों की समस्याएं सुनना शुरू कर दिया है। जिले का कोई भी व्यक्ति मोबाइल नंबर 92018 99925 पर कॉल सीधे प्रशासन से अपनी शिकायत रख सकता है।
CG Collector: कलेक्टर खुद इस पूरी प्रक्रिया की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। हर शिकायत उनकी नजरों से होकर गुजर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। फिर चाहे संपत्ति विवाद के चलते 2 भाइयों के बीच बोनस के बंटवारे को लेकर विवाद निपटाना हो या कर्नाटक में बंधक बनाए गए 8 मजदूरों को छुड़वाना। संपर्क केंद्र को 2 महीने से भी कम समय में 126 शिकायतें मिलीं।
इनमें से 89 का निपटारा भी किया जा चुका है। कुछ का निपटारा होना बाकी है, तो कुछ मामलों में ये पता किया जा रहा है कि केस जेन्युइन है भी या नहीं! दौरे पर बलौदाबाजार आए रायपुर कमिश्नर महादेव कावरे ने इस प्रक्रिया की बारीकियां समझी, तो वे भी इससे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इस तरह के इनिशिएटिव रायपुर संभाग के दूसरे जिलों में भी लिए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके।
आमजनों की समस्याओं का त्वरित निदान हो, इसके लिए प्रशासन को हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए। यही मुख्यमंत्री के सुशासन की अवधारणा भी है। संपर्क केंद्र बेहद ही प्रभावी है। रायपुर संभाग के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को अपनाने का प्रयास करेंगे, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
कमिश्नर महादेव कावरे गुरुवार को बलौदाबाजार पहुंचे। जिला कार्यालय समेत एसडीएम, तहसील व जिला पंचायत दफ्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने सरकारी अभिलेखों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने की बात कही। कलेक्टर दीपक सोनी ने उन्हें बताया कि जिले के पुराने भू-अभिलेख अब भी रायपुर जिले में रखे हैं। इस पर कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि रायपुर में रखे सभी रेकॉर्ड जल्द बलौदाबाजार भेजे जाएंगे। मुआयने के दौरान कमिश्नर ने पाया कि खनिज विभाग के रेकॉर्ड में गड़बड़ी है। कैश बुक का संधारण नहीं किया गया है।
इस पर उन्होंने विभाग के अकाउंटेंट कामता प्रसाद बंजारे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला पंचायत में भी उन्होंने कैश बुक के अधूरे संधारण पर नाराजगी जताई। 3 दिन में कंप्लीट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है। कर्मचारियों के नेम प्लेट, शाखा का नाम नहीं लिखने पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन में ही कर्मचारियों के बैठने की जगह पर नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले विभागों को कार्यालय के सामने डिस्प्ले बोर्ड लगाने कहा है। उन्होनें तहसील और एसडीएम दफ्तर का भी मुआयना किया।
Updated on:
21 Sept 2024 03:59 pm
Published on:
21 Sept 2024 03:59 pm
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