
कला-संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन (Photo source- Patrika)
Chhattisgarh News: शहर में रंगोली देखने की प्रथा दीप पर्व की दीपों की माला के साथ पिछले 50 वर्षों से चली आ रही है। वैसे तो रंगोली आदिकाल से दीपावली पर शुभ कार्यों में बनाई जाती रही है, लेकिन वर्तमान में नगर के कुछ घरों में इसे उत्सव के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
वहीं, पिछले 35 वर्षों से शहर के लोग रंगोली की कलाकृतियों का अवलोकन करते आ रहे हैं और जिन घरों में रंगोली बनाई जाती है, उनका समानजनक स्वागत भी किया जाता है, ताकि वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें। भाटापारा की रंगोली में कलाकारों, क्रिकेट के खिलाड़ियों, समाजसेवियों और धर्म प्रेमियों की रंगोली बनाकर उनका समान किया जाता है, और यह धर्म के प्रति समर्पण की भावना से प्रेरित रहती है।
मुधड़ा हाउस की रंगोली भाटापारा की चर्चित रंगोलियों में गिनी जाती है। पिछले 28 वर्षों से राजनीतिक, लोक संस्कृति, क्रीड़ा जगत और धर्म के प्रति समर्पण के साथ सभी लोग रंगोली का आयोजन करते हैं। शहर के मंडी रोड स्थित मुधड़ा हाउस में लगातार पांच दिनों तक संगीतमय रंगोली उत्सव मनाया जाता है।
Chhattisgarh News: इस वर्ष भी पांच दिनों तक रंगोली उत्सव मनाया जाएगा, जिसके लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। लोग यहां की रंगोली देखने और संगीत का आनंद लेने बड़ी संया में अपने परिवारों के साथ पहुंचते हैं और कलाकृतियों को देखकर गदगद हो जाते हैं। 20 और 21 अक्टूबर को गजल और संगीत का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो रात 9:00 बजे से 12:00 बजे तक चलेगा। सभी को आमंत्रित किया गया है।
Published on:
23 Oct 2025 03:25 pm
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