
हमेशा मीठी वाणी ही बोलें, वरना चुप रहने में ही है कल्याण
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोडवाड़ भवन में उपाध्याय रविंद्र मुनि के सान्निध्य में ओंकार का सामूहिक उच्चारण कराते हुए रमणीक मुनि ने कहा कि जुबान करिश्माई होती है। जिसका दिल मलिन और वाणी मीठी है वह कपटी है जो इंसान हमें प्रभावित करने के लिए किसी अन्य संत या अन्य लोगों की बुराई या निंदा करता है वह कभी हमारी भी निंदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि कई लोगों की आदत पड़ जाती है बुराई करने की। इसलिए हमेशा मीठा बोलना चाहिए अन्यथा कुछ भी नहीं बोलना चाहिए, वरना चुप रहने में भलाई है।
सत्संग में आने वाले हर एक श्रोता के भाव एक जैसे नहीं होते हैं जो सच्चे दिल से संतों के पास आते हैं वे तिर जाते हैं। रविंद्र मुनि ने उपाध्याय केवल मुनि की 105वीं जयंती पर कहा कि उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक यात्रा की थी। वे साधु-साध्वी तथा गृहस्थी लोगों के लिए उपयोगी हुए। रविंद्र मुनि ने ऋषभ मुनि के मासखमण के तहत 29वें उपवास तपस्या की अनुमोदना की। ऋषभ मुनि ने गीतिका सुनाई। पारस मुनि ने मांगलिक प्रदान की।
चिकपेट महिला संघ की अध्यक्ष रंजना गुलेच्छा ने भजन प्रस्तुत किए। जैन कांफ्रेंस की अध्यक्ष संतोष बोहरा ने बताया कि शनिवार को प्रवचन के बाद प्रश्न मंच आयोजित होगा। चौमुखी जाप के लाभार्थी सुरेश संतोष गादिया व नेमीचंद पुष्पा बाई चोरडिया का जैन दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। संरक्षक विजयराज लूणिया ने बताया कि सभा में जैन कांफ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष राजेश मूथा, किरण मरलेचा, राजेंद्र मरलेचा, धर्मेंद्र मरलेचा, महावीरचंद धारीवाल, इन्द्रचंद सिंघी, पन्नालाल कोठारी, रमेश छलाणी, धर्मीचंद डांगी सहित विभिन्न उप नगरों के श्रद्धालु तथा हरियाणा से श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन अध्यक्ष ज्ञानचंद बाफना ने किया। शुक्रवार को प्रात:6 बजे से लोगस्स का जाप होगा।
श्रावकों ने किया नमस्कार महामंत्र जाप
वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा की ओर से मुनि रविन्द्र, पारस मुनि, रमणीक मुनि के सान्निध्य में रात्रि में नमस्कार महामंत्र जाप में बड़ी संख्या में श्रावकों ने लाभ लिया। तेजकरण, केवलचंद, इंद्रचंद भिलवाडिया ने जाप का लाभ लिया।
Published on:
10 Aug 2018 07:39 pm
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