
जल संकट के बीच कुछ शिक्षण संस्थान ऑनलाइन शिक्षा की ओर लौटे
Bengaluru में जल संकट का प्रभाव अब शैक्षणिक संस्थानों पर भी पडऩे लगा है। शहर के 3,000 से ज्यादा borewell सूख चूके हैं। कई गुना ज्यादा कीमत चुकाने के बाद भी टैंकरों से समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान कक्षाएं जारी रखने के लिए वैकल्पिक समाधान तलाश रहे हैं।
शहर के विजयनगर में एक कोचिंग केंद्र ने अपने छात्रों को एक सप्ताह के लिए केंद्र नहीं आने और ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के लिए कहा है।
कीमत देने पर भी टैंकर नहीं
शहर के बन्नेरघट्टा रोड पर स्थित एक स्कूल न मंगलवार से ऑफलाइन कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बच्चे अब online पढ़ाई करेंगे। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने कहा, हम स्कूल के दैनिक उपयोग के लिए बोरवेल के water पर निर्भर थे। अब यह पूरी तरह से सूख चुका है। हम टैंकरों से पानी खरीदने को तैयार हैं, लेकिन अधिक कीमत चुकाने को तैयार होने पर भी पानी नहीं मिल रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रहे हैं। स्कूल को एक सप्ताह के लिए बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
छेड़ा अभियान
होसकेरेहल्ली के निवासियों ने अब अपने क्षेत्र के सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में पानी की समस्या को हल करने के लिए एक सोशल मीडिया अभियान शुरू किया है।
350 छात्र प्रभावित
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका एम. गंगम्मा ने कहा, विद्यालय करीब सात महीने से जल संकट का सामना कर रहा है। स्कूल में एक अलग बोरवेल है, लेकिन यह अगस्त 2023 में सूख गया। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने इसे फिर से बोर किया है, लेकिन यह एक महीने में सूखा है। तब से टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं। कीमतें बढऩे के कारण पानी खरदना असंभव हो गया है। यहां 350 छात्र पढ़ते हैं।
शिक्षाविदों ने जताई चिंता
मौसम विभाग के अनुसार इस बार भीषण गर्मी पडऩे की आशंका है। ऐसे में जल संकट और गहराएगा। इस स्थिति को लेकर शिक्षाविदों ने चिंता जताई है। शहर के एक और निजी स्कूल के प्रबंधन के अनुसार फिलहाल वे किसी तरह कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं। बच्चों को घर से पर्याप्त पानी लेकर आने के लिए कहा गया है। जल संकट गहराने पर ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लेना पड़ सकता है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को इसके लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
पानी की कमी के कारण कार्यक्रम स्थगित
बन्नेरघट्टा रोड के गोटीगेरे में स्थित एक निजी स्कूल को पानी की कमी के कारण स्कूल का एक कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। 70 छात्रों वाले स्कूल ने एक विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की थी, जिसमें अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया था। स्कूल के एक शिक्षक ने कहा कि विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल तैयार किए और मंगलवार को दोपहर तक उन्होंने न केवल अपने माता-पिता बल्कि आमंत्रित मेहमानों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए पूरे जोरों पर अभ्यास किया। दोपहर में प्रबंधन को एहसास हुआ कि कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। बोरवेल सूख जाने के कारण पंप टैंकर में पानी भरने में विफल रहा।
आसपास खोदे गए बोरवेल के कारण पानी पूरी तरह सूख गया
शिक्षक के अनुसार पिछले साल जलस्तर थोड़ा कम हुआ था, लेकिन इस बार बारिश की कमी और आसपास खोदे गए बोरवेल के कारण पानी पूरी तरह सूख गया। अब, स्कूल पानी के टैंकरों पर निर्भर है, जो अनियमित रूप से पानी की आपूर्ति भी करते हैं।
पड़ोसी दे रहे पानी, घर से कार में पानी ला रही शिक्षिका
फिलहाल, कक्षाएं चलाने के लिए स्कूल पड़ोसी के घर से छोटे ड्रमों का उपयोग करके पानी उधार ले रहा है। एक शिक्षिका अपनी कार में घर से कई ड्रमों में पानी लेकर आती हैं। इसका उपयोग वॉशरूम और हैंडवॉश के लिए किया जा रहा है। अब हम उम्मीद कर रहे हैं कि टैंकर रविवार को पानी की आपूर्ति करेगा। शिक्षक ने कहा कि स्थिति गंभीर है और अगर जल संकट और गहराया तो स्कूल में छुट्टी की घोषणा करनी पड़ सकती है। बच्चों से पानी बचाने के लिए पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए भी कहा है।
Published on:
18 Mar 2024 08:51 pm
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