
जेएसएस को दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में रैंकिंग
मैसूरु. जेएसएस अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च ने दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों की सूची में अपनी जगह बनाई है। ब्रिटेन के दि टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचइ) ने वर्ष-2019 के शीर्ष विश्वविद्यालयों की रैंकिंग घोषित की जिसमें जेएसएस को 401 से 500 श्रेणी के विश्वविद्यालयों में स्थान मिला है।
जेएसएस ने शनिवार को बताया कि इस रैंकिंग के लिए दुनिया के 1258 शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया था जिसमें भारत के 49 संस्थान शामिल थे। भारतीय संस्थानों में जेएसएस को शीर्ष पांच विश्वविद्यालयों में स्थान दिया गया है। जेएसएस का कुल स्कोर 37.1-41.6 रहा जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) बॉम्बे और रुड़की के बराबर है।
कर्नाटक से कुल चार विश्वविद्यालयों को रैंकिंग मिली है जिसमें जेएसए के अतिरिक्त भारतीय भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरु (231-300) और मैसूरु विश्वविद्यालय तथा मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन (1000 + रैंङ्क्षकग) में शामिल हैं। जेएसएस अकादमी ने पहली बार टीएचइ रैंकिंग के लिए आवेदन किया था। गौरतलब है कि जेएसएस में मौजूदा समय में करीब 147 पाठ्यक्रम संचालित हैं जिनमें 5500 से ज्यादा विद्यार्थियों शिक्षारत हैं।
जेएसएस मेडिकल कॉलेज, जेएसएस डेंटल कॉलेज और जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेंसी का परिसर मैसूरु में है जबकि जेएसएस फार्मेसी कॉलेज ऊटी में संचालित है। जेएसएस अकादमी के कुलपति बी. सुरेश ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग से साबित किया है कि हमारे देश के विश्वविद्यालय भी विदेशी संस्थानों से कमतर नहीं हैं।
जेएसएस में जल्द शुरू होगी मुक्त दूरस्थ शिक्षा
मैसूरु. जेएसएस अकादमी ऑफ हायर एजूकेशन एंड रिसर्च मैसूरु जल्द ही ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) यानी खुली दूरस्थ शिक्षा की शुरूआत करेगा। ओडीएल के तहत कम से कम 15 पाठ्यक्रम होंगे जिसमें 12 स्नातकोत्तर (पीजी) और तीन स्नातक (यूजी) से संबंधित होंगे। जेएसएस अकादमी के कुलपति बी सुरेश ने कहा कि ओडीएल पाठ्यक्रम की शुरूआत को फिलहाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से अनुमोदन की प्रतीक्षा है।
उन्होंने कहा कि काम करने वाले पेशेवरों को ध्यान में रखते हुए ओडीएल पाठ्यक्रम का चयन किया गया था। सभी पाठ्यक्रम कौशल और व्यावहारिक आधारित होंगे। शहर के बाहरी इलाके में वरुणा में अकादमी के मेगा परिसर में जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। हमने संरचनात्मक डिजाइन योजना तैयार कर ली है और अब सिर्फ इसके लिए औपचारिक मंजूरी की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह 100 एकड़ का परिसर होगा और इसमें अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ शैक्षणिक सहित योग, खेल, चिकित्सा और पोषण एवं आहार विज्ञान विभागों को शुरू किया जाएगा।
Published on:
30 Sep 2018, 6:24 PM IST
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