4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

समाज को नशा मुक्त बनाने की अपील

शेषाद्रिपुरम पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर संजू गौड़ा की विशेष उपस्थिति रही।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बैंगलोर

•

image

Ram Naresh Gautam

•

Updated: 30 Sep 2018, 6:02 PM IST

jainism

समाज को नशा मुक्त बनाने की अपील

बेंगलूरु. अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तीसरे दिन शनिवार को नशा मुक्ति दिवस आनंदराव सर्कल के नजदीक स्थित पुलिस क्वार्टर में आयोजित किया गया। शुभारंभ मंगलाचरण के बाद चंद्रशेखरैया के अणुव्रत गीत से हुआ। अणुव्रत समिति बेंगलूरु अध्यक्ष कन्हैयालाल चिप्पड़ ने श्रोताओं को नशा मुक्त बनने का आह्वान किया। शेषाद्रिपुरम पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर संजू गौड़ा की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि अणुव्रत के नियमों का पालन करने वाले व्यक्तियों से पुलिस को काफी राहत मिलती है।

मुख्य वक्ता युवा सामाजिक कार्यकर्ता महेन्द्र मुणोत ने वीडियो क्लिप व व्यसन मुक्त वीडियो गीत से नशा मुक्ति की जानकारी दी। मुख्य अतिथि तेरापंथ महासभा के उपाध्यक्ष कन्हैयालाल गिडिया ने नशे से कैसे दुर्घटना घटती है और व्यक्ति कैसे अपने जीवन में तकलीफों को आमंत्रित करता है, विषय पर जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन वसंता देवड़ा ने किया।

आभार ललित चौरडिय़ा ने व्यक्त किया। अणुव्रत महासमिति सदस्य व प्रभारी रामलाल गन्ना, राजेश चावत, सह मंत्री प्रवीण बोहरा, संगठन मंत्री शांतिलाल पोरवाल, प्रचार प्रसार रूपचंद देसरला साहित संयोजक राजेन्द्र बैद, कार्यकारणी से सुरेश मुणोत, धर्मेंद्र बरलोटा, डॉ. रवि, लाभेश कांसवा, जवेरीलाल दुगर, आशा सेठिया, सूरज कुमार पितलिया, राजेश सुराणा आदि उपस्थित थे।

---

प्रतिबद्धता और एकाग्रता हो तो सफलता निश्चित
मैसूरु. सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को नए ज्ञान प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विश्वविद्यालय उन्नत शिक्षा की अकादमी हैं। चयनित क्षेत्र में ज्ञान बढ़ाने से भविष्य बेहतर होगा। वे शनिवार को सेंट फिलोमेना (स्वायत्त) कॉलेज में चौथे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, विषय कोई भी हो, सबका अपना महत्व है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी लगभग हर विषय का अभिन्न हिस्सा हैं। प्रतिबद्धता और एकाग्रता हो तो सफलता निश्चित है। 255 विद्यार्थियों को डिग्री व 132 विद्यार्थियों को पीजी डिग्रियां प्रदान की गईं। जबकि सात विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। मैसूर विवि की कार्यवाहक कुलपति प्रो. ऐशा. एम.शेरिफ ने भी समारोह में हिस्सा लिया।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक