
भूखंड खरीदते समय सावधानी बरतें: सदानंद
इन वर्गों में गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए मकान या भूखंड खरीदना आसान नहीं है
बेंगलूरु. वर्ष 2020 तक सभी को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार की विभिन्न आवास योजनाओं के अंतर्गत बड़े पैमाने पर आवाास निर्माण हो रहा है। रीयल एस्टेट में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए रेरा कानून लाया गया है। यह कानून बनने के बाद देश के शहरों में आवास निर्माण के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ की जा रही धोखाधड़ी पर अंकुश लगा है। केंद्रीय मंत्री डी.वी.सदानंद गौड़ा ने यह बात कही।
नेशनल कॉलेज मैदान में शुक्रवार को 'विजयवाणीÓ तथा 'दिग्विजय न्यूजÓ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'प्रापर्टी एक्स्पोÓ की तीन दिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि वर्ष 1960 में बेंगलूरु शहर की आबादी 5 लाख भी नहीं थी। आज इस शहर की आबादी 1 करोड़ से पार पहुंच गई है। आवास तथा भूखंडों की मांग देखते हुए आज शहर में भूमाफियाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
फर्जी दस्तावेजों के साथ उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को शहर में भूखंड या आवास खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रापर्टी प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से उपभोक्ता तथा आवास निर्माण कंपनियों को एक सशक्त मंच मिला है। यहां पर उपभोक्ता निर्भीक होकर भूखंड या आवास खरीद सकते है।
वीआरएल समुह के चेयरमैन विजय संकेश्वर ने कहा कि समाज के गरीब, मध्यम वर्गीय तथा संपन्न तीनों वर्ग आशियाने का सपना देखते हैं। इन वर्गों में गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए मकान या भूखंड खरीदना आसान नहीं है। रीयल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के कारण इस वर्ग के लोग गाढ़ी कमाई से कमाया धन गंवा रहे हैं। ऐसे वर्ग की सुरक्षा समय की मांग है। इस अवसर पर महापौर मल्लिकार्जुन गंगाम्बिके, चिकपेट क्षेत्र के विधायक उदय गरुड़ाचार, अभिनेत्री प्रियंका उपेंद्र उपस्थित थे।
Published on:
13 Oct 2018, 5:57 PM IST
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