
मैसूरु-नंजनगुड उच्च पथ पर यातायात अवरुद्ध
मैसूरु. कावेरी नदी के जल ग्रहण क्षेत्रों व केरल के वायनाड मेंं लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में कावेरी के चारों बांध लबालब हैं। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण शुक्रवार को मैसूरु-नंजनगुड राष्ट्रीय उच्च पथ का एक हिस्सा मेंं पानी में डूब गया जिसके कारण मैसूरु और ऊटी को जोडऩे वाले मार्ग पर यातयात अवरुद्ध हो गया। कबिनी बांधा से 80 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ जाने के कारण कपिला नदी उफान पर है और इसके कारण जिला प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी देते हुए बांधों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित इलाकों में जाने की सलाह दी है।
कबिनी बांध शुक्रवार को 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। 1974 में बांध के बनने के बाद यह दूसरा मौका है जब इतने बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा गया है। इससे पहले 1992 में 70 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी एक दिन में छोड़ा गया था। इस कारण कपिला नदी में आई बाढ़ के कारण दो पुलों के डूब जाने से तहसील मुख्यालय नंजनगुड का संपर्क टूट गया है।
ह्यह्यसड़कों पर बाढ़ का पानी फैलने से जिला प्रशासन ने यातायात पर रोक लगाने का फैसला किया है। कपिला नदी शुक्रवार सुबह से ही खतरे के निशान के करीब बह रही है। नंजनगुड में कपिला नदी के तट पर रहने वाले 15 परिवारों को जिला प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। मल्लिहन्ना मुले मठ के पास सड़क के डूब जाने के कारण मैसूरु-नंजनगुड राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-766 पर यातायात रोकना पड़ा। प्रशासन वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के लिए कहा है। केरल और तमिलनाडु को जोडऩे वाले इस मार्ग के बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक कृष्णराज सागर तथा कबिनी बांध से 1 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दो दिन में यह पानी तमिलनाडु के मेट्टूर बांध तक पहुंच जाएगा। उधर, केरल के वायनाड क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बंसूर बांध में पानी का अंतर्वाह तेज बढ़ गया है। बांध की सुरक्षा के लिए बांध के सभी क्रेस्ट गेट खोल दिए गए हैं। बांध का जलस्तर 2,283 फीट तक पहुंच गया है जबकि इस बांध की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 2,284 फीट है। कोडुगू जिले में भी मूसलाधार बारिश हो रही है। इस वर्ष जनवरी माह लेकर अभी तक जिले में 2,786 मिमी बारिश हो चुकी है। जो गत वर्ष इसी अवधि में 1341 मिमी थी।
भारी बारिश के कारण जिले की अधिकतर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। भूस्खलन के कारण जगह-जगह पर मलबा गिरने से कई यातायात में बाधा आ रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसी सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। मडिकेरी-मेंगलूरु सड़क की यातायात पर रोक लगा दी गई है। यात्रियों को दूसरे रास्ते से जाने के निर्देश दिए गए हैं।
हारंगी बांध में 14,367 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है तो बांध से 21,183 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 2,856 फीट तक पहुंच गया है जबकि इस बांध की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 2,859 फीट है। चिकमगलूरु जिले में लगातार चौथे दिन भी बारिश का कहर बरकरार है। जिला पुलिस ने पर्यटकों के लिए सूचना जारी कर जिले की नदियां बांध तथा जलमग्न सड़कों से दूर रहने का सुझाव दिया है।
जिले की तुंगा, भद्रा कुमारधारा नदियां उफान पर होने के कारण स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। पर्यटन स्थल तथा जंगल रिसोट्र्स में रहने वाले पर्यटकों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कोडुगू जिले में शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। दक्षिण कन्नड़ जिले में लगातार बारिश के कारण जिला प्रशासन ने शनिवार को शिक्षण संस्थानों में अवकाश की घोषणा की है। उधर, मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित पड़ोसी केरल को 10 करोड़ रुपए की राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है।
Published on:
11 Aug 2018 05:41 pm
