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टर्निंग प्वाइंट सभी के जीवन में आते हैं

लता बाफना ने कहा कि रिश्तों में पारदर्शिता और आपसी विश्वास तथा सामंजस्य की भावना का विकास आवश्यक है
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 30 Sep 2018, 7:10 PM IST

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टर्निंग प्वाइंट सभी के जीवन में आते हैं

बेंगलूरु. तेरापंथ महिला मंडल, राजराजेश्वरी नगर में महिला सशक्तिकरण के अन्तर्गत ट्रांसफर योर सेल्फ विद ए टर्निंग प्वाइंट कार्यशाला का आयोजन कंचन छाजेड़ की अध्यक्षता में किया गया। संयोजन करते हुए सरोज बैद ने सशक्तिकरण शृंखला के इस अंतिम पायदान को अति महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि टर्निंग प्वाइंट सभी के जीवन में आते हंै, आवश्यकता है उस को पहचानने की।

लता बाफना ने कहा कि रिश्तों में पारदर्शिता और आपसी विश्वास तथा सामंजस्य की भावना का विकास आवश्यक है। अध्यक्ष कंचन छाजेड़ ने कहा सशक्तिकरण का अर्थ है, अपनी नैसर्गिक क्षमताओं को सुरक्षित रखते हुए अपने भीतर की शक्ति को पहचान कर उसे उजागर करना एवं सही समय पर उपयोग में लाना। कार्यशाला में 30 सदस्याएं उपस्थित रहीं।

गुप्त बातों को नहीं करें प्रकट
बेंगलूरु. जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में एवं जयधुरंधर मुनि की निश्रा में शनिवार को श्रावक के 12 व्रतों के शिविर के अंतर्गत दूसरे व्रत में कहा गया कि गुप्त बातों को प्रकट नहीं करना चाहिए। दुनिया में हर किसी को हर बात बोलने योग्य नहीं होती है। संघ अध्यक्ष मीठालाल मकाणा ने बताया कि रविवारीय कार्यक्रम के तहत मुनिवृंद के सान्निध्य में सुबह अणुप्पेहा ध्यान शिविर, बालक बालिकाओं के लिए संस्कार शिविर एवं पारिवारिक रिश्तों पर विशेष प्रवचन होंगे। शनिवार को मुनिवृंद के मुखारबिंद से लगभग 225 श्रावक श्राविकाओं ने दूसरे व्रत के प्रत्याख्यान
अंगीकार किए।

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कोलार की ओर फिर बहेगा केसी घाटी के तालाबों का पानी
कोलार. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शहर के कोरमंगला-चलघट्टा (केसी वैली ) तथा वर्तुर तालाबों का परिशोधित पानी कोलार जिले के तालाबों में भरने की योजना को हरी झंडी दिखाने दी है। केसी वैली क्षेत्र के तालाबों का पानी फिर कोलार जिले के तालाबों में पहुंचेगा। इस पानी की शुद्धता को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका की सुनवाई के पश्चात अदालत ने जल आपूर्ति पर 13 जुलाई को रोक लगाई थी और शहर पेयजल आपूर्ति तथा सीवर निस्तारण बोर्ड (बीडब्लूएसएसबी) को इस पानी की शुद्धता की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिनेश महेश्वरी, न्यायाधीश आर.बी.बुधिहाल की पीठ ने जल आपूर्ति पर लगी रोक हटा दी। अदालत ने 15 दिन के पश्चात पानी की शद्धता की रिपोर्ट फिर देने के निर्देश दिए हैं।

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