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Banswara: छोटे बेटे की एक गलती के कारण पकड़े गए फरार आरोपी, पिता-पुत्रों की जोड़ी ने की थी करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी

Rajasthan Crime: बांसवाड़ा में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर पांच साल से फरार पिता और दो बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने किसानों से करीब 4.50 करोड़ रुपए जमा कर हड़प लिए थे।
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father son in fraud case

धोखाधड़ी के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार (फोटो: पत्रिका)

Father-Son Arrested In Fraud Case: बांसवाड़ा में पालोदा क्षेत्र के लोगों से करोड़ों की हेराफेरी और धोखाधड़ी कर 5 वर्ष पूर्व फरार हुए तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लोहारिया थानाधिकारी जयपालसिंह चौहान ने बताया कि 29 नवंबर 2021 को सामागडा निवासी विनोद पुत्र मोगजी पाटीदार ने रिपोर्ट दी थी। जिसमें अभियुक्तगणों विनोद कुमार पुत्र महिपाल जैन, महेश कुमार पुत्र विनोद जैन, हर्षित कुमार पुत्र विनोद जैन निवासी सामागडा स्थानीय गांव में ही किराणा दुकान चलाते थे।

जो गांव के लोगों से अनाज व केसीसी लोन की राशि लेकर अपने पास सुरक्षित रखते थे और जब भी किसानों को रुपयों की आवश्यकता होती है तो उस जमा राशि से प्राप्त कर अपना काम निकालते थे। इसी तरह विनोद पाटीदार के करीब 12 लाख रुपए और उसके भाई गजेन्द्र पुत्र मोगजी के करीब 10 लाख रुपए, उसके ताउजी दलजी पुत्र अमरजी के 30 लाख रुपए सहित कुल 52 लाख रुपए जमा थे। नियत समय में वापस करने की बात कर लिखित दस्तावेज बनवा लिए थे।

गांव के करीब 50-60 किसानों के कुल 4.50 करोड़ रुपए जमा कर लिए। जिसके बाद ये पिता और दो पुत्र तीनों सारा रुपया हड़प कर घर दुकान पर ताले लगाकर फरार हो गए थे।

दर्ज रिपोर्ट पर पुलिस काफी समय से उनको ढूंढ रही थी। गंभीर मामले के कारण पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतसिंह के निर्देशन व आरपीएस वृत्ताधिकारी वृत्त गढी बाबूलाल रेगर के निकट पर्यवेक्षण में थाना स्तर पर टीम का गठन कर निरन्तर दबिशें दी गई। पुलिस अधीक्षक ने सात-सात हजार का ईनाम घोषित किया। जिस पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों व मुखबीरी से महाराष्ट्र के आष्ट्रा और पुणे में छिपे आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उनको न्यायालय में पेश किया गया। लोहारिया थाने की टीम में प्रवीणसिंह, जयवर्धनसिंह, विजेश, किन्नीराजसिंह मुख्य सहयोगी रहे।

छोटे बेटे की गलती के कारण पकड़े गए

बांसवाड़ा जिले के लोहारिया में लोगों के रुपए लेकर फरार हुए बाप-बेटों ने पांच साल से सभी रिश्तेदारों से अपने संबंध खत्म कर लिए थे और अपने फोन बंद कर सिम भी बदल ली थी लेकिन छोटा बेटा हर्षित डोंगल के माध्यम से वाई-फाई इंटरनेट का उपयोग करते हुए कुछ परिचित लोगों से बात करता था। पुलिस ने परिचित लोगों से संपर्क कर आरोपियों को ट्रेस किया गया। टावर लोकेशन से इसकी लोकेशन लेकर तलाश की। हालांकि दो बार आरोपी पुलिस को हाथ नहीं लगे लेकिन अंत में इन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की।