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Rajasthan Fertilizer Crisis : एमपी बॉर्डर पर ट्रक खड़ा कर दुगुने दाम में बेच रहे खाद, कालाबाजारी से किसान परेशान

Rajasthan Fertilizer Crisis : राजस्थान में खाद संकट लगातार बढ़ रहा है। बांसवाड़ा जिले में खाद के लिए कोहराम मचा है। पर्याप्त खाद की आपूर्ति के बाद भी किसान परेशान है। खाद की कालाबाजारी हो रही है।

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Rajasthan Fertilizer Crisis MP border Trucks parked fertilizer sold at double price black marketing Farmers troubled

खमेरा. खमेरा थाने के बाहर खाद के लिए मौजूद किसान। फोटो पत्रिका

Rajasthan Fertilizer Crisis : बांसवाड़ा जिले में खाद के लिए कोहराम मचा है। पर्याप्त खाद की आपूर्ति के बाद भी किसान परेशान है। कालाबाजारी धड्ल्ले से की जा रही है। हमारे किसानों के हक की खाद एमपी पहुंच रही है। राजस्थान पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर खाद की डिमांड और सप्लाई के पूरे गणित के साथ ही छोटी सरवन क्षेत्र में मांग से 33 प्रतिशत अधिक खाद की आपूर्ति का खुलासा किया था। इसके बाद विभाग के साथ ही जागरुक किसानों ने खाद की कालाबाजारी का खुलासा किया।

ग्रामीणों के हल्ला बोल से बीती रात खमेरा क्षेत्र के डूंगरा गांव में लाखों के माल की धरपकड़ हुई। उधर, मध्यप्रदेश सीमा से सटे डूंगरा इलाके में कालाबाजारी की सूचना पर चेती कृषि विभाग की टीम को खाद की मध्यप्रदेश तस्करी की पुष्टि हुई। करीब साढ़े छह सौ से ज्यादा बैग मुंहमांगे दाम में बिकने के बाद स्थिति स्पष्ट होने पर विभाग ने डूंगरा की फर्म का लाइसेंस निलंबित किया है।

फर्म का लाइसेंस निलंबित, खाद की तस्करी के संकेत

एफआईआर दर्ज

एक दिन में सामने आई दोनों कार्रवाइयों से जिले में खाद की कालाबाजारी के गठबंधन का भंडाफोड़ हुआ है। डूंगरा क्षेत्र के मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है। दूसरी ओर, खमेरा के डूंगर गांव में धरपकड़ के मामले में शनिवार रात को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई

कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है

जिले में मांग के अनुरूप खाद तो पर्याप्त आ रही है, लेकिन इसमें करीब 30 फीसदी लेम्पस तो 70 फीसदी निजी कारोबारियों तक पहुंच रही है। जिस वजह से खाद की जगह-जगह जमाखोरी की जा रही है। अब जब लेम्पस पर खाद नहीं मिलेगी तो तय है कि जरूरतमंद किसान छोटे-बड़े विक्रेताओं के पास जाएंगे। फिर उनका भी स्टॉक खत्म होने पर एक कृत्रिम संकट पैदा होगा। इससे जमाखोरों की बल्ले-बल्ले हो जाएगी। उनके गोदाम से मुंहमांगे दाम में खाद बेचने के लिए यह खेला हो रहा है।

सज्जनगढ़ में खाद की कालाबाजारी, किसान बेहाल

सज्जनगढ़ क्षेत्र में रबी सीजन के दौरान यूरिया और अन्य रासायनिक खादों की भारी किल्लत ने किसानों को परेशान कर दिया है। सहकारी समितियों पर खाद की आपूर्ति न होने से किसानों में रोष है, जबकि बाजार में खाद की कालाबाजारी चरम पर है।

व्यापारी 270 रुपए प्रति बैग की जगह 550 रुपए वसूल रहे हैं। किसानों का आरोप है कि बांसवाड़ा के कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खाद की आपूर्ति में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर मामले की जांच की मांग की है।

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