मई से मिलने लगे रोगी, फिर भी बरती सुस्ती
जिले के किशनगंज और शाहाबाद ब्लॉक में इस वर्ष करीब छह माह पहले मई में ही मलेरिया रोगी मिलने लग गए थे। मई में इस वर्ष का पहला मलेरिया रोगी चिन्हित हुआ था। उसके बाद जून माह में एक भी रोगी नहीं मिला, लेकिन जुलाई में एक साथ दो रोगी आ गए। उसके बाद अगस्त में तो एक साथ चार मलेरिया पॉजिटिव मिले, लेकिन फिर चिकित्सा टीमें नहीं जागी। उसके बाद लगातार एक-दो रोगी मिल रहे हैं। नवम्बर माह में तो मलेरिया-पीवी के अलावा एक रोगी मलेरिया-पीएफ का भी मिला था। मलेरिया-पीएफ अधिक घातक रहता है। इसे लेकर उपचार में उदासीनता बरतने से जान जाने का खतरा भी रहता है।