बारां। सरकार की ओर से निर्बाध और गुणवत्ता पूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लाई गई योजना दो बरस बाद भी कछुआ चाल से चल रही है। अधिकारियों की ओर से अप्रेल 2023 से किसानों को योजना के तहत दिन के समय बिजली देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह अवधि बीते करीब एक माह का समय हो गया। अब तक तो धेला भर भी काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। इससे लगता है इस वर्ष भी किसानों को सिंचाई के लिए सर्दी की रातों में ब्लॉक वार बिजली मिलेगी और किसानों को ठिठुरते हुए ही सिंचाई करनी होगी। इस दौरान शहरी उपभोक्ताओं को भी असुविधा होने की आशंका है।