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100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

Indian Railways : कोटा-बीना रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य अब पूरा हो गया है। रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की इस लाइन पर ट्रेनों के परिचालन की अनुमति मिलने के बाद संभवतया 24 अप्रेल को मध्यप्रदेश के रीवा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे।
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बारां

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kamlesh sharma

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Updated: 21 Apr 2023, 7:38 PM IST

Trains will run at a speed of 100 kmph

Indian Railways : बारां/छबड़ा। कोटा-बीना रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य अब पूरा हो गया है। रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की इस लाइन पर ट्रेनों के परिचालन की अनुमति मिलने के बाद संभवतया 24 अप्रेल को मध्यप्रदेश के रीवा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। इस रेल खंड को अंग्रेजी हुकुमत की ओर बनवाया गया था। जो अब सवा सौ साल से अधिक का हो गया है।

बारां जिले में स्थित कुछ रेलवे स्टेशनों पर प्रारम्भिक दौर में बनाए गए रेलवे स्टेशनों के अवशेष अब तक शेष हैं। इस रेल लाइन के दोहरीकरण से बारां जिले को भी नई ट्रेनों के संचालन की सौगात मिलने की आस है। करीब दस वर्ष में हुए दोहरीकरण के कार्य पर ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। रेल विकास निगम लिमिटेड की ओर से इस रेलवे लाइन के दोहरीकरण के कार्य की शुरुआत वर्ष 2012 में की गई थी। तब इस कार्य को कई टुकड़ों में विभक्त किया था। अब सभी कार्य पूरे हो गए हैं। शुरुआत में इस कार्य की लागत 1415 करोड़ रुपए निर्धारित की गई थी, लेकिन यह बाद में बढ़कर 2476 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। कोटा से बीना तक इस रेल की कुल लम्बाई 283 किमी है। इसमें कोटा मंडल में 165 किमी तथा भोपाल मंडल में 118 किमी की रेल लाइन है।

फिर बढ़ा ट्रेनों का परिचालन
1970 तक इस रेल खंड में एक मात्र कोयले के इंजन वाली ट्रेन का संचालन होता था। यह ट्रेन कोटा से बीना तक चलती थी। 1990 के दशक में इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बढ़ा था। बाद में इस पूरी लाइन के विद्युतीकृत होने से ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ी थी। अब लाइन के दोहरीकरण होने से नई ट्रेनों के संचालन की उम्मीदें भी बढ़ गई। इस रेल लाइन क निर्माण 1896-97 में हुआ था।

बारां जिले में यह ट्रेन शुरुआत में पिपलोद स्टेशन पर रुकी थी। यह गांव आज भी कोटा संभाग का पहला इसाई बहुल गांव है। 1993 में छबड़ा के निकट भूलोन में दो ट्रेनों में आमने-सामने से हुई जोरदार भिड़न्त में पिपलोद गांव निवासी एक ट्रेन चालक की मौत भी हुई थी। लाइन का दोहरीकरण होने से इस पर संचालित ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी। रेलवे के उच्च अधिकारियों का कहना है कि अब ट्रेन को पास करने के लिए दूसरी ट्रेन को किसी भी स्टेशन पर नहीं रोकना पड़ेगा। का्रसिंग की समस्या का समाधान होने से रेलवे लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार भी सौ किमी प्रति घंटे तक बढ़ जाएगी।

रीवा और भोपाल में जमावड़ा
प्रधानमंत्री के प्रोजेक्ट के उद्घाटन कार्यक्रम की सभी तैयारियों के लिए रेलवे के आला अधिकारियों का रीवा व भोपाल में जमावड़ा लगने लगा है। कार्यक्रम की तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। इस कार्यक्रम में कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी तैयारियों की देखरेख में लगे हुए हैं। हालांकि अभी कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है।