बारां जिले में स्थित कुछ रेलवे स्टेशनों पर प्रारम्भिक दौर में बनाए गए रेलवे स्टेशनों के अवशेष अब तक शेष हैं। इस रेल लाइन के दोहरीकरण से बारां जिले को भी नई ट्रेनों के संचालन की सौगात मिलने की आस है। करीब दस वर्ष में हुए दोहरीकरण के कार्य पर ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। रेल विकास निगम लिमिटेड की ओर से इस रेलवे लाइन के दोहरीकरण के कार्य की शुरुआत वर्ष 2012 में की गई थी। तब इस कार्य को कई टुकड़ों में विभक्त किया था। अब सभी कार्य पूरे हो गए हैं। शुरुआत में इस कार्य की लागत 1415 करोड़ रुपए निर्धारित की गई थी, लेकिन यह बाद में बढ़कर 2476 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। कोटा से बीना तक इस रेल की कुल लम्बाई 283 किमी है। इसमें कोटा मंडल में 165 किमी तथा भोपाल मंडल में 118 किमी की रेल लाइन है।