
बरेली। बरेली मादक पदार्थों की सप्लाई का एक बड़ा जंक्शन बन चुका है। देहरादून पुलिस ने सोमवार को इज्जतनगर इलाके से नसीम खान नाम के स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है जिसके पास से पुलिस ने 18 लाख रुपए की स्मैक बरामद की है।नसीम उत्तराखण्ड के शिक्षण संस्थानों में नशे की खेप सप्लाई किया करता था। इसके पहले भी लोकल पुलिस, एसटीएफ और नारकोटिक्स की टीम जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से नशे की बड़ी खेप बरामद कर चुके हैं। नारकोटिक्स बरेली की टीम ने पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा कार्रवाई की है।
नसीम अकेला नहीं
उत्तराखण्ड पुलिस की गिरफ्त में आया नसीम अकेला तस्कर नहीं है बल्कि इसके पहले भी उत्तराखण्ड में नशे की खेप सप्लाई करने वाले फतेहगंज पश्चिमी इलाके के रहने वाले शाहिद और अंसार को गिरफ्तार कर चुकी है। फतेहगंज पश्चिमी से देहरादून की रहने वाली रेखा और नेहा को भी मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है ये दोनों महिलाएं तलाकशुदा है और यहां पर कमर नाम के तस्कर से स्मैक खरीद कर उत्तराखण्ड में आने वाले टूरिस्टों को सप्लाई करती थी।
नेपाल से आती है मादक पदार्थों की खेप
यूपी एसटीएफ और नारकोटिक्स विभाग ने पिछले दिनों जितनी भी मादक पदार्थों की खेप पकड़ी है उसमें खुलासा हुआ है कि तस्कर नेपाल बॉर्डर से सटे हुए जिलों से नशे की खेप लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश लाते हैं और यहां से नशे की खेप उत्तराखण्ड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब को सप्लाई की जाती है। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले कई बार बरेली पुलिस और एसटीएफ की बरेली यूनिट की सक्रियता से पकड़े भी गए हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए तमाम लोग बरेली के भी हैं जो मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हैं।
पहले भी पकड़ी गई नशे की खेप
24 अगस्त को मीरगंज से एक करोड़ का डोडा पकड़ा गया।
16 जुलाई को आंवला में 83 लाख की अफीम बरामद की गयी।
7 अप्रैल को 86 लाख की चरस फतेहगंज पश्चिमी से बरामद हुई।
31 मार्च को फतेहगंज पश्चिमी में एक करोड़ 53 लाख की चरस पकड़ी गयी।
25 दिसम्बर को सीबीगंज से 76 लाख की चरस पकड़ी गयी।
15 नवम्बर को बारादरी में लाखों की अफीम बरामद की गयी।
Published on:
27 Sep 2017, 5:37 PM IST
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