
10 लाख रूपये में मास्टर बनाने की थी तैयारी, लेकिन उसके पहले ही एसटीएफ ने.....
बरेली। प्रदेश भर में आयोजित हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में सेंध लगाने वालों पर यूपी एसटीएफ की टीम ने लगाम लगा दी। एसटीएफ की बरेली इकाई ने टीईटी परीक्षा में सेंध लगाने वाले छह युवकों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की गिरफ्त में आए इनमे से चार लोग दूसरे की जगह परीक्षा में शामिल हुए थे। एसटीएफ बरेली इकाई ने मुरादाबाद जिले में छापामार कार्रवाई कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमे से चार युवक दूसरे की जगह परीक्षा देने बैठे थे। एसटीएफ ने गिरफ्त में आए सभी युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है और अब आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
टीईटी परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए डीजीपी ओपी सिंह ने एसटीएफ को लगाया था। एसएसपी एसटीएफ के निर्देश पर एसटीएफ की सभी टीम मुस्तैद हो गई थी। जिसके तहत अजय पाल सिंह प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ बरेली इकाई की टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुरादाबाद जिले में मझोला थाने के वीपीएस पब्लिक स्कूल में कार्रवाई करते हुए परीक्षा में सेंध लगाने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ की गिरफ्त ने मुरादाबाद के सचिन और जितेंद्र, जालौन के रहने वाले विपिन, कानपुर के रहने वाले सौरभ और बिहार जमुहि जिले के रहने वाले मिथिलेश और सिप्पू को गिरफ्तार किया है।
ये हुई बरामदगी
एसटीएफ की गिरफ्त में आए युवकों से छह मोबाइल फोन, एक ड्राइविंग लाइसेंस, तीन प्रवेशपत्र , दो ओएमआर शीट, दो उत्तर पुस्तिका, 24250 नगद और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है।
10 लाख में हुआ ठेका
एसटीएफ की गिरफ्त में आए युवको ने बताया कि साल्वरों को परीक्षा में बैठाने के लिए 50 हजार रूपये दिए जाते है और ये गैंग परीक्षार्थियों के मूल पेपर अपने पास रख लेता था। मुख्य परीक्षा में पास होने पर हर परीक्षार्थी से 10 लाख रूपये वसूल करते थे।
Published on:
18 Nov 2018, 8:07 PM IST
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