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Ground Report: बाड़मेर में रोज 50 बच्चे धोरों को पार कर पहुंचते स्कूल, प्रशासन बेखबर या दबंगों का खौफ?

बालोतरा जिले के सिणधरी क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय वागाबेरी का रास्ता दबंगों ने तारबंदी कर बंद कर दिया है। इसके चलते 50 से अधिक बच्चे दो बड़े रेतीले धोरे लांघकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। परिजनों का कहना है कि दो साल से नोखड़ा तहसील और प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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barmer kids cross dunes daily to reach school

आडेल पंचायत समिति के वागाबेरी स्कूल के बच्चे धोरों पर चढ़कर घर की ओर जाते हुए (काले घेरे में) (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

सिणधरी (बालोतरा): आडेल पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाभूनगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय वागाबेरी तक जाने वाले सरकारी जमीन के रास्ते पर अतिक्रमणकारियों की ओर से तारबंदी कर रास्ता बंद कर दिया है। इसके चलते विद्यालय में अध्ययनरत 50 से अधिक विद्यार्थियों को दो बड़े रेतीले धोरों को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। छुट्टी के समय भीषण गर्मी में बच्चों को धोरों पर चढ़कर गुजरने में परेशानी होती है।

सरकारी भूमि पर तारबंदी

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन से सटी भूमि के खातेदारों ने अपनी जमीन का हक जताते हुए रास्ते सहित सरकारी भूमि पर तारबंदी कर दी। इससे पिछले दो वर्षों से विद्यार्थियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन को शिकायत देकर रास्ता खुलवाने की मांग की गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

हर बार फरियाद, मिला केवल आश्वासन

ग्रामीण रास्ता खुलवाने को लेकर नोखड़ा तहसील कार्यालय में कई बार शिकायत दे चुके हैं। उनका कहना है कि तहसीलदार की ओर से संबंधित पटवारी को मौके पर भेजकर रास्ता खुलवाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती। ओमप्रकाश प्रजापत, जेठाराम प्रजापत एवं कालूराम ढाढ़ी ने बताया कि दो वर्षों से रास्ता बंद होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

बच्चों के धोरों से होकर विद्यालय पहुंचने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। परिजनों का कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चों को बिना रास्ते स्कूल भेजने में डर लगता है, लेकिन पढ़ाई के कारण मजबूरी में भेजना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि शीघ्र रास्ता नहीं खुलवाया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

विद्यालय की ओर से उपखंड अधिकारी गुड़ामालानी एवं तहसीलदार नोखड़ा को पत्र लिखा गया, लेकिन दो वर्षों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। बच्चे विद्यालय आने में परेशान हो रहे हैं।
-हेमाराम देवासी, प्रधानाध्यापक

पटवारी से रिपोर्ट मांगी थी, जो प्राप्त हो गई है। पटवारी या आरआई स्तर पर किस स्तर की लापरवाही रही है, इसकी भी जानकारी ली जाएगी। जल्दी रास्ता खुलवा दिया जाएगा।
-तिलोक कुमार मीणा, तहसीलदार नोखड़ा

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