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पिता के अंतिम संस्कार का कर्ज बना घातक, भाई ही भाई के खून का हो गया प्यासा, छोटे ने बड़े को कुल्हाड़ी से काट डाला

Barmer Crime: करीब आठ महीने पहले पिता अमराराम का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के समय दोनों भाइयों ने उधार लेकर खर्च किया था। बड़े भाई गुणेशाराम के हिस्से का कर्ज उनकी बहन ने चुका दिया था।

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Barmer Crime

आरोपी गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)

Barmer Crime: बाड़मेर जिले में बिजराड़ थाना क्षेत्र के नवातला गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक पारिवारिक विवाद खून में बदल गया। छोटे भाई ने पिता की मौत के खर्च को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल के बाद आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।


एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि नवातला गांव निवासी गुणेशाराम पुत्र अमराराम की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक के छोटे भाई किशनाराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच पिता की मौत के बाद हुए खर्च को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।


आरोपी छोटे भाई के हिस्से के बाकी थे रुपए


करीब आठ महीने पहले इनके पिता अमराराम का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के समय दोनों भाइयों ने उधार लेकर खर्च किया था। बड़े भाई गुणेशाराम के हिस्से का कर्ज उनकी बहन ने चुका दिया, लेकिन छोटे भाई किशनाराम ने उधार लौटाया नहीं।


इसी बात पर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। गुरुवार को गुणेशाराम ने किशनाराम को फोन कर पैसे मांगे। किशनाराम ने पैसे देने के बहाने बड़े भाई को घर बुलाया और वहां कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी।


वारदात के बाद धोरों में छिपा


हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर तलाशी शुरू की। पुलिस ने आरोपी के भागने के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई और पीछा करते हुए गांव से करीब 10-12 किलोमीटर दूर रेत के धोरों में छिपे हुए आरोपी किशनाराम को पकड़ लिया।


पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। गिरफ्तारी में एएसआई करण सिंह और कांस्टेबल भवानी सिंह की अहम भूमिका रही।


मृतक की पत्नी कर चुकी आत्महत्या


दोनों भाई विवाहित हैं, लेकिन मृतक गुणेशाराम की पत्नी ने छह साल पहले आत्महत्या कर ली थी। उसकी कोई संतान नहीं थी। गुणेशाराम घर पर अकेला रहता था। वहीं, आरोपी किशनाराम के तीन बेटे हैं और उसकी पत्नी पीहर गई हुई थी। परिवार की बुजुर्ग मां छोटे बेटे किशनाराम के साथ रहती है और बीमार है।

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