ईसबगोल का घटेगा क्षेत्रफल
जीरे की ज्यादा बुवाई होने के साथ ही ईसबगोल की बुवाई का क्षेत्रफल कम होगा। ऐसा अनुमान है कि इस बार पिछले साल के एक लाख हैक्टेयर के मुकाबले करीब पचास हजार हैक्टेयर में ही ईसबगोल की बुवाई होगी।
सरसों व अन्य फसलें करीब दो लाख हैक्टेयर में- जिले में जीरे व ईसबगोल के अलावा सरसों, गेहूं, तारामीरा, अरंडी, सब्जियां आदि भी पैदा होती है। इनका क्षेत्रफल दो लाख हैक्टेयर है।
- मौसम रबी की बुवाई के अनुकूल है। जीरे की बेहद मांग है, जिसके चलते इसकी बुवाई का क्षेत्रफल बढ़ेगा। आगामी कुछ दिनों में बुवाई जोर पर रहेगी।- डॉ. प्रदीप पगारिया, सह निदेशक, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर