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Education Department Rajasthan: Rajasthan: Barmer: पद स्वीकृत नहीं होने का दंश भोग रहे 5286 स्कूल, काउंसलिंग में भी व्याख्याता से दूर

Education Department Rajasthan: Rajasthan: Barmer: पन्द्रह हजार व्याख्याओं की जरूरत पर पद की नहीं मिली स्वीकृति
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 10 Oct 2023, 12:09 AM IST

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Education Department Rajasthan: Rajasthan: Barmer: दिलीप दवे बाड़मेर. एक तरफ जहां प्रदेश के 5286 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पद स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर जिन विद्यालयों में पहले से ही व्याख्याता लगे हुए हैं, वहां काउंसलिंग में और लग रहे हैं। यह स्थिति बनी है पिछले सत्र में क्रमोन्नत हुए विद्यालयों की जो पद स्वीकृति नहीं मिलने पर काउंसलिंग के बावजूद व्याख्याता को तरस रहे हैं।

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मार्च 2022 में प्रदेश के 3834 माध्यमिक विद्यालयों में क्रमोन्नत किया गया था। उसके बाद उन सभी विद्यालयों में पिछले सत्र 2022-23 में 11वीं व 12वीं दोनों कक्षाएं एक साथ शुरू की गई थी। लेकिन पिछले सत्र साल भर में व्याख्याता पद स्वीकृत नहीं किए गए। 12वीं के विद्यार्थियों ने साल भर बिना व्याख्याताओं के अध्ययन किए बोर्ड परीक्षा देकर जैसे-तैसे 12 वीं उत्तीर्ण कर ली। उसके बाद वर्तमान सत्र में जुलाई 2023 में 12वीं का दूसरा बैच शुरू हुआ। दूसरे सत्र के भी तीन महीने बीतने को आए लेकिन इन विद्यालयों में अभी तक व्याख्याता पद स्वीकृत नहीं हुए। इसके अलावा उच्च प्राथमिक से सीधे उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किए गए 1452 विद्यालयों में ये ही हाल है। ऐसे में प्रदेश के 5286 उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नति के बाद पद रिक्तता नहीं पद स्वीकृति का दंश भोग रहे।

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काउंसलिंग, लेकिन नहीं मिलेंगे व्याख्याता
इस महीने 6000 व्याख्याता विभिन्न विषयों की सीधी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न हुई। जिनके पदस्थापन को लेकर शिक्षा निदेशालय में अलग- अलग विषयवार नवचयनित व्याख्याताओं की काउंसलिंग चल रही है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आस जगी कि अब हमारे विद्यालयों में पढ़ाने के लिए सीधी भर्ती से व्याख्याता मिलेंगे, लेकिन अभी तक इन विद्यालयों में व्याख्याता पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं होने के कारण इन विद्यालयों को काउंसलिंग में ही शामिल नहीं किया गया। जिसके कारण इन विद्यालयों में व्याख्याता नहीं मिल जाएंगे।

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व्याख्याता लगे लेकिन वेतन कहीं ओर से
कुछ विद्यालयों में स्थानांतरण से व्याख्याता भी लग गए हैं । लेकिन व्याख्याता पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं होने से वेतन को लेकर परेशानी आ रही है। हर माह अन्य विद्यालय से वेतन मिल रहा है।
काउंसलिंग में शामिल हों विद्यालय- विभाग अतिशीघ्र क्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याता पद स्वीकृत कर काउंसलिंग में इन विद्यालयों को शामिल करे। व्याख्याता विहीन विद्यालयों को प्राथमिकता से काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाए जिससे कि नए व्याख्याताओं का पदस्थापन होने से विद्यार्थियों के अध्ययन में फायदा मिले। - बसन्त कुमार जाणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टां

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