
युवाओं में नशे की बढ़ती लत चिंता का विषय
बालोतरा. स्वस्थ समाज के लिए नशा अभिशाप है। नशा नाश की जड़ है। इससे धन व शक्ति दोनों का नाश होता है। नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए अभिभावक बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार दें। भारतीय संस्कृति, सभ्यता से परिचय करवाएं। कथा वाचक ममतादेवी ने रविवार को अन्नपूर्णा गोशाला में अन्नपूर्णा गोसेवा समिति के तत्वावधान में गोहितार्थ आयोजित श्रीमद्भगवत कथा का वाचन करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। इससे समाज में अपराध के साथ कई प्रकार की विकृतियां बढ़ रही हैं, जो समाज के लिए अभिशाप है। युवाओं में नशे की बढ़ती लत चिंता का विषय है। नशे से छोटे बच्चों पर बुरा असर पड़ता है, जो कि भारतीय संस्कृति के लिए खतरा है। उन्होंने भक्ति की बात कहते हुए कहा कि भगवान भक्तों के अधीन होते हैं। वे भक्तों की पुकार पर दौड़े आते हैं। हमेशा भगवान को सच्चे मन से याद करें। उन्होंने भक्त प्रहलाद चरित्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कथा में हिरण्याकश्यप वध सहित विभिन्न झांकियां प्रस्तुत की गई। मुख्य यजमान भंवरलाल टावरी ने आरती उतारी। पुखराज चौधरी, बालकिशन अग्रवाल, मघाराम चौधरी ने प्रसाद वितरित की। इस अवसर पर संत हरसुखदास समदड़ी, गौतम माली, जनक, अयोध्याप्रसाद, बस्ताराम पटेल, भंवरलाल टावरी, मुरलीदास मौजूद थे।
व्रत,जप व तप करने से अधिक पुण्य मिलता
मोकलसर. कस्बे में रविवार को अधिकमास को लेकर नगर परिक्रमा का आयोजन हुआ। भोलागिरी आश्रम महंत चेतनगिरी ने बताया कि विधायक हमीरसिंह भायल ने झंडी दिखाकर नगर परिक्रमा को रवाना किया। इसमें शामिल पुरुष व महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए नगर की अधिकमास परिक्रमा लगाई। महंत ने श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अधिकमास में व्रत,जप,जप व तप करने से अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है। व्रत व जप करें।
Published on:
5 Jun 2018, 10:04 PM IST
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