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आग लगते ही करते हैं फोन, आग बुझने तक पहुंचती फायर ब्रिगेड

- पाटोदी में नहीं व्यवस्था, बालोतरा से पहुंचने में दमकल को लगता समय
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 18 Jan 2024, 12:02 AM IST

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फायर ब्रिगेड

पाटोदी फायर ब्रिगेड ही नहीं है इस वजह से बालोतरा से फायर ब्रिगेड मंगवानी पड़ती है। आग की घटनाएं होने पर बालोतरा से फायर ब्रिगेड मंगवानी पड़ती है बालोतरा से फायर ब्रिगेड पाटोदी आने में बहुत अधिक समय लगता है। पाटोदी बालोतरा जिले का बड़ा कस्बों में से एक बड़ा कस्बा है। यहां बीस हजार की आबादी है । पाटोदी पंचायत समिति व तहसील मुख्यालय है। पंचायत समिति क्षेत्र में 31 ग्राम पंचायतें हैं वहीं बड़ी संख्या में गांव जुड़े हुए हैं लेकिन पाटोदी में दमकल नहीं है। लेकिन पाटोदी में दमकल नहीं है ।

बालोतरा से पाटोदी 35 किलोमीटर अधिकतर गांवों की दूरी 60 से 70 किलोमीटर दूर वह सड़कें भी कहीं जगहों पर क्षतिग्रस्त होने पर कई घंटे की बाद दमकल पहुंचती है । जब तक सब कुछ आग से जलकर घरेलू सामग्री सहित अन्य सामग्री आग से जलकर राख हो जाती है । यह एक बार नहीं बार-बार हो रहा है लोग बार-बार दमकल की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार से दमकल की स्वीकृति नहीं मिल रही है।

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हर वर्ष डेढ़-दो सौ घटनाएं
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में हर वर्ष डेढ़ से दौ सौ से अधिक आग की घटनाएं होती हैं। दमकल देर से पहुंचने पर सब कुछ जलकर राख हो जाता है । इससे यहां लोग बेघर होते हैं वहीं उन्हें लाखों रुपए का नुकसान होता है ।

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जनहित में शुरू करें दमकल सेवा
पाटोदी पंचायत समिति व तहसील मुख्यालय है । यहां अतिमहत्वपूर्ण दमकल होनी चाहिए। सरकार जनहित में दमकल उपलब्ध करवाए तो आमजन को भी आग के कारण बेघर व नुकसान होने से बचाया जा सकता है।--
अनिता भाटिया सरपंच साजियाली पदमसिंह