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मौत के 20 महीने बाद दिया प्रमोशन, सरकारी विभाग में मचा हड़कंप

सरकारी विभागों में अंधेरगर्दी का यह आलम है कि पदोन्नति और तबादलों की सूची पर लगता है गंभीरता से गौर ही नहीं होता। निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एावं परिवार कल्याण सेवा ने एक कार्मिक को नर्स श्रेणी प्रथम से पदोन्नत कर बाड़मेर में नर्सिंग अधीक्षक नियुक्त किया है।
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बाड़मेर

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Santosh Trivedi

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Updated: 9 Jun 2023, 10:34 AM IST

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सरकारी विभागों में अंधेरगर्दी का यह आलम है कि पदोन्नति और तबादलों की सूची पर लगता है गंभीरता से गौर ही नहीं होता। निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एावं परिवार कल्याण सेवा ने एक कार्मिक को नर्स श्रेणी प्रथम से पदोन्नत कर बाड़मेर में नर्सिंग अधीक्षक नियुक्त किया है। इस कार्मिक की मौत करीब बीस माह पहले हो चुकी है।

विभाग ने गुुरुवार को एक आदेश जारी कर प्रदेश के 24 नर्सिंग श्रेणी प्रथम को नर्सिंग अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया है। सिणधरी उपखंड मुख्यालय स्थित सीएससी में शंकर लाल राजपुरोहित का नाम निदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा के आदेश क्रमांक 2023/109 में क्रमांक संख्या 3 पर है। इसमें शंकरलाल राजपुरोहित वर्तमान पदस्थापन सीएससी सिणधरी बताया गया है। पदोन्नत कर राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर में नवीन पद पर पदोन्नति बाद नियुुक्ति दी है।
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20 माह पूर्व मृत्यु
शंकरलाल राजपुरोहित की मृत्यु 25 सितंबर 2021 को हुो गई थी। विभाग ने शंकरलाल की मौत बाद उनके पुत्र अरविंद को कनिष्ठ सहायक के पद पर 10 अक्टूूबर 2022 को अनुकंपा नियुक्ति भी देे दी है।
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हाल ही में नपे है
विभागीय लापरवाही का ऐसा ही उदाहरण हाल ही में शिक्षा विभाग में सामने आया था, जिसमें पेपर लीक मामले में जेल काट रहे सिरोही के शेरसिंह मीणा को पदोन्नत कर दिया था। पदोन्नत कर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय धारासर(चौहटन) में प्राचार्य नियुक्त कर दिया था। इस मामले के उजागर होने के बाद निदेशक माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल को एपीओ किया गया और इसमें तीन अन्य के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही हुई है।