
Barmer Refinery: राजस्थान की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा सपना और बाड़मेर-बालोतरा के विकास की द्योतक रिफाइनरी 2025 की सबसे बड़ी सौगात होगी। रिफाइनरी का कार्य उत्तर्राद्ध पर है और अब केवल 05-10 फीसदी ही शेष है। मार्च 2025 का लक्ष्य तय है। 72000 करोड़ का यह मेगा प्रोजेक्ट 2018 से 2025 की अवधि में तैयार हो रहा है।
राजस्थान के मेगा प्रोजेक्ट रिफाइनरी की 11 में से 10 इकाइयों का कार्य 90 से 98 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। एक इकाई सल्फर रिकवरी 50 प्रतिशत तक पहुंची है। कार्य की रफ्तार तेज रही तो 2025 की जनवरी में ही रिफाइनरी का कार्य टेस्टिंग मोड़ में आ जाएगा।
बालोतरा के पचपदरा में स्थापित हो रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी प्रोसेस इकाइयों का 90 से 98 प्रतिशत तक काम पूर्ण है। एक इकाई सल्फर रिकवरी का काम खींचने में पूरी जी जान जुटा दी गई है। 35000 मजदूर इसके लिए दिन रात लगे हुए हैं।
एचपीसीएल और राजस्थान सरकार की संयुक्त उद्यम कंपनी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) की ओर से 9 मिलियन टन वार्षिक क्षमता की बीएस-6 मानक की अत्याधुनिक रिफाइनरी बनेगी।
क्रूड/वैक्यूम डिस्टीलेशन यूनिट व डिलेड कॉकर यूनिट का करीब 94 प्रतिशत, हाइड्रोजन जनरेशन यूनिट और डीजल हाइड्रोजन यूनिट का 98 प्रतिशत से अधिक और वीजीओ-एचडीटी यूनिट आदि का काम 94 फीसदी से अधिक काम हो चुका है।
Updated on:
1 Jan 2025, 1:23 PM IST
Published on:
1 Jan 2025, 1:21 PM IST
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