
तो क्या ये शिक्षिकाएं महिला नहीं हैं?
बाड़मेर. नवनियुक्त शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने का मामला हो या फिर 6डी के तहत प्राथमिक से माध्यमिक में शिक्षक लगाने की प्रक्रिया। सभी में सरकार का स्पष्ट आदेश है कि महिलाओं को उपलब्ध स्थानों के अनुसार जिला, ब्लॉक मुख्यालय के नजदीकतम खाली स्थान पर लगाया जाए। लेकिन हाल में स्थानांतरण हुए तो इस नियम को विभाग ने ताक में रख कर 50-55 साल की शिक्षिकाओं को घर से दूर 100-150 किमी तक अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में भेज दिया।
शिक्षा विभाग में पारदर्शिता को लेकर राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती में काउंसलिंग के माध्यम से ऑनलाइन विद्यालय चयन की प्रक्रिया अपनाई। सरकार ने महिलाओं का विशेष ध्यान रखते हुए विशेष योग्यजन के बाद विशेष प्राथमिकता देते हुए उनकी सूची के अनुसार इच्छित स्थान पर नियुक्ति के आदेश दे रखे हैं। वहीं, 6डी के तहत प्राथमिक शिक्षा के हजारों शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में भेजा गया। इसमें भी यही प्रक्रिया अपनाई और शिक्षिकाओं को प्राथमिकता मिली। लेकिन हाल में जिले में हुए स्थानांतरण में इस नियम को ताक में रख महिलाओं को सैकड़ों किमी दूर भेज दिया।
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डिजायर के चलते नियम ताक पर
राज्य सरकार ने चुनावी वर्ष में जनप्रतिनिधियों को खुश करने के लिए डिजायर के आधार पर स्थानांतरण किए। इसमें सरकार ने खुद के बनाए नियम ताक में रख एेसी शिक्षिकाओं को बॉर्डर क्षेत्र तक भेज दिया, जिनको हाल में नजदीक लगाया गया था। वहीं, जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर शिक्षकों को उनकी जगह लगा दिया। एेसे में कई शिक्षिकाएं जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं, उन्हें घर से दूर जाना पड़ेगा।
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ये हैं उदाहरण- कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा बाड़मेर के 10 सितम्बर के आदेशानुसार रेखा शर्मा को रामावि कुड़ला से राउमावि जैसिंधर स्टेशन, उषा शर्मा को उण्डखा से मुंगेरिया, द्रोपदी को सिवाना से कीटनोद, पुष्पा शर्मा को रावतसर से आरबी की गफन भेजा गया है। इनमें से कई विद्यालयों की शिक्षिकाओं के घर से दूरी 100-150 किमी है। वहीं रेखा शर्मा की जगह धनराज को कुड़ला, पुष्पा शर्मा की जगह मघाराम चौधरी को लगाया है। सूची में 39 शिक्षकों के तबादले किए गए हैं।
सेवानिवृत्ति में दो साल और तबादला
- कई शिक्षकाएं एेसी हैं, जिनकी सेवानिवृत्ति में दो साल से कम समय बचा है। उन्हें बॉर्डर क्षेत्र में भेजा गया है, जो गलत है। विभाग इस आदेश का संशोधित करे नहीं तो संघ आंदोलन करेगा।- नूतनपुरी गोस्वामी, जिलाध्यक्ष राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
गलत है, संशोधन की जरूरत- जब हर स्तर पर शिक्षिकाओं को उनकी इच्छा के अनुसार नजदीकी स्कूल आवंटित करने का नियम है तो यहां इसकी अवहेलना क्यों। हम जिला शिक्षा अधिकारी से मिलकर मामले की जांच करवाएंगे। इसके बाद आगे की रणनीति बनाएंगे।- छगनसिंह लूणू, जिलाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ, सियाराम
नियमानुसार हुए हैं तबादले
शिक्षकों के जो भी तबादले हुए हैं वो नियमानुसार हुए हैं।
ओमप्रकाश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, बाड़मेर
Published on:
14 Sep 2018, 10:01 PM IST
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