
हर दिन हजारों को परेशानी- बायपास व यातायात पुलिस नहीं
x
-
समदड़ी. यहां यातायात व्यवस्था चौपट होने से सभी परेशान हैं। करीब बीस हजार की आबादी की इस समस्या के निराकरण को प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह नासूर बनती जा रही है। बिगड़ी यातायात व्यवस्था से आमजन का सुख- चैन छिन गया है।यहां सरकारी कार्यालयों सहित बड़ा बाजार होने पर दर्जनों गांवों से हजारों जने सरकारी कामकाज व खरीदारी के लिए आते हंै। बायपास नहीं होने से छोटे-बड़े सभी वाहन मुख्य बाजार से गुजरते हैं। इससे यातायात व्यवस्था बिगड़ी रहती है। वाहन चालकों के मनमर्जी से वाहन खड़े करने से जाम लगते हैैं। जालोर, सिरोही, सिवाना, पाली,धुन्धाड़ा, जोधपुर को जाने वाले वाहन व बसें मुख्य बाजार से होकर गुजरते हैं।
बाजार में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों के मनमाफिक वाहन खड़े करने से बार बार जाम लगते हैं। इससे व्यापारियों, खरीदारों,राहगीरों व वाहन चालकों को पग पग पर परेशानियां उठानी पड़ती है। व्यवस्था सुधार को लेकर कोई प्रयास नहीं करने से आमजन व वाहन चालकों का सुख चैन छिन गया है।
---
जरूरी है बायपास
यहां सरकारी कार्यालयों सहित बड़ा बाजार होने पर दर्जनों गांवों से हजारों जने सरकारी कामकाज व खरीदारी के लिए आते हंै। बायपास नहीं होने से छोटे-बड़े सभी वाहन मुख्य बाजार से गुजरते हैं। इससे यातायात व्यवस्था बिगड़ी रहती है। वाहन चालकों के मनमर्जी से वाहन खड़े करने से जाम लगते हैैं। जालोर, सिरोही, सिवाना, पाली,धुन्धाड़ा, जोधपुर को जाने वाले वाहन व बसें मुख्य बाजार से होकर गुजरते हैं। बाजार में माल ढुलाईको लेकर घंटों खड़े रहने वाले ट्रक कोढ़ में खाज साबित होते हैं। निसं.
---
व्यवस्था जरूरी
सुचारू यातायात के लिए यातायात पुलिस की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। - अम्बाशंकर सोनी
बायपास की आवश्यकता
यातायात सुधार के लिए कस्बे में बायपास सड़क व यातायात पुलिस की आवश्यकता है। - प्रकाश मेहता
नहीं मिल रहा सहयोग
यातायात व्यवस्था के लिए कई बार प्रस्ताव लेकर प्रशासन को भेजा है। पंचायत ने लाइनिंग करवा उसके बाहर वाहन खड़ा नहीं करने की व्यवस्था की मगर पुलिस का सहयोग नहीं मिलने से यह सुचारू नहीं हो रही है। - समदाकंवर, सरपंच समदड़ी
Published on:
10 Dec 2017, 12:06 AM IST
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.