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औषधीय स्नान से रोगों का इलाज

हर रोज स्नान सामान्य परंपरा या रिवाज नहीं है। असल में यह एक स्किन केयर थैरेपी है जो मस्तिष्क को तरोताजा करके नई ऊर्जा प्रदान करती...
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Mukesh Kumar Sharma

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Aug 23, 2018

Medicinal

Medicinal

हर रोज स्नान सामान्य परंपरा या रिवाज नहीं है । असल में यह एक स्किन केयर थैरेपी है जो मस्तिष्क को तरोताजा करके नई ऊर्जा प्रदान करती है। आइए जानते हैं स्नान के जरिए रोगों को दूर करने के बारे में ।


लैवेंडर ऑयल: एक बाल्टी गुनगुने पानी में 5-10 मिलिलीटर लैवेंडर ऑयल मिलाकर नहाने से त्वचा का रुखापन दूर होकर चमक बढ़ती है ।

शहद : 10 लीटर पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर स्नान करने से त्वचा मुलायम होती है ।

सफेदा : मुभर सफेदे के पत्तों को सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें । इसे एक लीटर पानी में उबालें। इस सत्व को नहाने के पानी में मिलाकर प्रयोग करने से अनिद्रा की समस्या दूर होती है ।
एप्सम सॉल्ट : एक बाल्टी गुनगुने पानी में 50 ग्राम एप्सम सॉल्ट मिलाकर नहाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है ।

कच्चा दूध : पानी में कच्चा दूध मिलाकर नहाने से त्वचा कोमल होती है और रंगत में निखार आता है ।

नींबू : पसीने से दुर्गंध आने की समस्या होने पर एक बाल्टी पानी में दो नींबू का रस निचोडक़र स्नान करें ।

त्रिफला : एक लीटर पानी में 50 ग्राम त्रिफला चूर्ण डालकर उबाल लें । इस पानी को 20-25 लीटर पानी में मिलाकर नहाएं । स्नान के 10 मिनट बाद धूप में बैठें और जब आपकी त्वचा में खिंचाव आने लगे तो नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाएं । ऐसा करने से सोरायसिस व एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है ।

आंवला और इमली : गर्दन के पीछे के हिस्से में फंगल इंफेक्शन होने पर आंवले और इमली की चटनी लगाएं । 10 से 15 मिनट बाद सामान्य पानी से नहा लें, आराम मिलेगा ।

अगर आप डियो या परफ्यूम का प्रयोग करना पसंद नहीं करते तो एक बाल्टी पानी में पांच मिलिलीटर गुलाब जल मिलाकर स्नान करने से खुशबू बनी रहती है ।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।